हल्द्वानी के पर्वतीय सांस्कृतिक उत्थान मंच हीरा नगर में उत्तरायणी महोत्सव दूसरे दिन भी धूमधाम के साथ जारी रहा। बृहस्पतिवार को मेयर गजराज सिंह बिष्ट, संरक्षक हुकम सिंह कुंवर और अध्यक्ष खड़क सिंह ने मेले का शुभारंभ किया। मेयर ने कुमाऊंनी संस्कृति को दुनियाभर में नई पहचान दिलाने का आह्वान किया।
शाम को रंगारंग कार्यक्रमों को आयोजन किया। गायक जगदीश कांडपाल ने लछिमा गोल्डन का झुमका…, देहरादून की भौजी… आदि गीतों के बोल से दर्शकों को झूमने पर विवश कर दिया। गायक राकेश जोशी के हिट दे साली म्यार दगड़…, सुवा मेरी ड्राइवरा… समेत अन्य पुराने गीतों पर लोग जमकर थिरके। वहां सचिव देवेंद्र तोलिया, लक्ष्मण सिंह लमगड़िया, मधु सांगुड़ी, धर्म सिंह बिष्ट, मोहन सिंह बोरा, शोभा बिष्ट आदि मौजूद थे।
शंख बजाओ स्पर्धा में काश्वी और शौर्य अव्वल
हीरानगर पर्वतीय सांस्कृतिक उत्थान मंच में दोपहर में विभिन्न प्रतियोगिताएं हुईं। दौड़ के जूनियर बालक वर्ग में अनंत आर्य, मो. अरहम व कुश पाठक और बालिका वर्ग में दीक्षा रावत, योगिता सुयाल व मानवी भैसोड़ा क्रमश: पहले तीन स्थानों पर रहे। सीनियर बालिका वर्ग में बबीता तिवारी, आरती व प्रियांशी और बालक वर्ग में दिव्यांशु कालाकोटी, हरेंद्र बिष्ट व जीत सिंह राणा क्रमश: प्रथम, द्वितीय व तृतीय पायदान पर रहे। शंख बजाओ स्पर्धा के जूनियर वर्ग में काश्वी बोरा ने पहला, वैभव पाठक ने दूसरा और दिव्यांशी पांडे ने तीसरा स्थान हासिल किया। सीनियर वर्ग में शौर्य सिंह अधिकारी, यथार्थ पंत, कपित बिष्ट क्रमश: पहले तीन स्थानों पर रहे।
स्वयं सहायता समूहों की हस्तकला कला बिखेर रही है जादू
हल्द्वानी। हीरानगर में आयोजित उत्तरायणी महोत्सव में महिलाएं सशक्तिकरण की मिसाल पेश कर रही है। मेले में 120 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं। इनमें से एक बड़ा हिस्सा स्वयं सहायता समूहों और महिला उद्यमियों का है। दूर-दराज के पर्वतीय क्षेत्रों से आईं महिलाएं यहां खुद तैयार किए गए उत्पादों की बिक्री कर रही हैं। इन स्टॉलों पर महिलाओं द्वारा तैयार किए गए विशेष डिजाइन के कपड़े, पहाड़ी चित्रकला और हस्तशिल्प के बेहतरीन नमूने आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
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