जींद। केंद्र सरकार ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने वाले किसानों को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा सम्मान दिया है। कृषि मंत्रालय की ओर से हरियाणा के प्राकृतिक खेती करने वाले 12 दंपती किसानों को दिल्ली स्थित कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है।
गणतंत्र दिवस परेड के लिए जिला जींद से गांव अहिरका के प्राकृतिक खेती के किसान व प्रशिक्षक डॉ. सुभाष चंद्र व उनकी पत्नी सुमित्रा रानी, ढाटरथ गांव के ईश्वर अत्री व उनकी पत्नी अंग्रेजो देवी, खरकरामजी गांव के मनजीत सिंह व उनकी पत्नी अनिता रानी, रिटोली गांव के बलिंद्र लोहान व उनकी पत्नी मुकेश देवी, बीबीपुर गांव के राजबीर साहू व उनकी पत्नी पिंकी को विशेष निमंत्रण मिला है।
इसके अलावा रेवाड़ी जिले से यशपाल खोला व पत्नी अनीता रानी, रोहतक जिले के चिड़ी गांव से बंसीलाल व पत्नी मुकेश देवी व नांदल गांव से जयप्रकाश व पत्नी कृष्णा देवी, सोनीपत जिले के शहजादपुर गांव से कपिल देव व पत्नी रीना देवी, कैथल जिले के बाता गांव से जॉनी राणा व पत्नी पूजा देवी और यमुनानगर जिले से विजय कुमार व पत्नी निरूपा देवी को भी यह गौरव प्राप्त हुआ है।
इनमें से रेवाड़ी जिले के किसान यशपाल खोला को महामहिम राष्ट्रपति की ओर से गणतंत्र दिवस की संध्या पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाले ‘एट होम’ कार्यक्रम में भी शामिल होने का विशेष आमंत्रण मिला है।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग हरियाणा के प्राकृतिक खेती के राज्य स्तरीय प्रशिक्षण संस्थान हमेटी के निदेशक डॉ. कर्मचंद ने कहा कि प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को गणतंत्र दिवस परेड में विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित करना सरकार की प्राकृतिक खेती को लेकर गंभीर सोच और सकारात्मक नीति को दर्शाता है।
चयनित सभी किसान कई वर्षों से प्राकृतिक खेती कर रहे हैं और अपने खेतों को पीजीएस-इंडिया सिस्टम के तहत प्रमाणित करवा चुके हैं। यह किसान अपने कृषि उत्पादों की स्वयं बिक्री कर एक मिसाल बने हुए हैं।
केंद्र सरकार ने हरियाणा सरकार की सिफारिश पर इन किसानों का चयन किया है। उन्होंने यह भी बताया कि ये किसान न केवल स्वयं प्राकृतिक खेती करते हैं, बल्कि अन्य किसानों को भी इसके लिए प्रोत्साहित करते हुए मार्गदर्शन देते हैं।
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