गत पांच वर्षों में किसी ने नहीं दिखाई मछलियों को पकड़ने में रुचि
नई टिहरी। टिहरी बांध की झील से जल्द मछलियों को पकड़ने का कार्य शुरू होने की उम्मीद है। गत पांच वर्षों के भीतर किसी ने मछलियों को पकड़ने में रुचि नहीं दिखाई है। गत माह शासन स्तर से बांध की झील में मछलियों को पकड़ने और पालने के लिए टेंडर जारी किए गए हैं।
टिहरी बांध की 42 वर्ग किलोमीटर विशालकाय झील में पल रही मछलियों को पकड़ने के लिए गत पांच वर्षों में न तो स्थानीय लोगों और न ही कोई बाहरी संस्था आगे आ पाई है। देखरेख के अभाव में बिना रोक-टोक के लोग मछलियों का अवैध शिकार कर रहे हैं। हाल ही शासन स्तर से टिहरी बांध की झील से मछलियों को पकड़ने के लिए आगामी 10 वर्षों के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी की गई है जिसमें मछलियों का पकड़ने के साथ झील में जालीनुमा छोटे-छोटे तालाब बनाकर से मछलियों का पालन किया जा सकेगा।
युवाओं को रोजगार मिलने के साथ राजस्व में बढ़ोतरी होगी। साथ ही बांध की झील में पल रही मछलियों के अवैध शिकार पर रोक लगेगी। टिहरी बांध की झील में बड़े पैमाने पर महाशीर, कॉमन कार्प, कतला, रोहू, नैना मछलियों के साथ स्थानीय प्रजाति की असेला जैसी मछलियां भी पाई जाती है। बांध की झील में मछलियों की पैदावार बढ़ाने लिए समय-समय सरकार के सहयोग से मत्स्य विभाग मछलियों के बीज डालता है।
मत्स्य विभाग के कर्मियों की माने तो लंबे समय से टिहरी बांध की झील में मछलियों को पकड़ने के लिए कई बार टेंडर प्रक्रिया जारी की गई लेकिन विषम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण स्थानीय लोगों ने रुचि नहीं दिखाई। इस बार शासनस्तर से बांध की झील में मछलियों को पकड़ने के लिए टेंडर की प्रक्रिया जारी की है। शासनस्तर पर प्रक्रिया गतिमान है।
टेंडर प्रक्रिया के मुताबिक झील में मछलियों को पकड़ने वाली संस्थाओं को मछली पालन का कार्य भी करना होगा। इसके लिए संस्था झील क्षेत्र में 45 जगहों पर जालीनुमा तालाब बनाकर मछलियों किया जाएगा जिन संस्थाओं ने मछली पकड़ने के लिए आवेदन किया है वह वर्तमान में झील क्षेत्र में सर्वे कार्य कर रही है। उम्मीद है कि जल्द मछलियों को पकड़ने का काम शुरू हो जाएगा।
आमोद नौटियाल, निरीक्षक मत्स्य विभाग नई टिहरी।
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