नववर्ष की शुरुआत बाबा बैद्यनाथ की पूजा-अर्चना के साथ करने के लिए देवघर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। तड़के मंदिर के पट खुलते ही श्रद्धालुओं की 4 से 5 किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं, जो शहर के कई हिस्सों तक फैल गईं। मंदिर के पट सुबह 3:05 बजे विधिवत सरकार
जबकि आम श्रद्धालुओं के लिए सुबह 4:15 बजे कपाट खोले गए। इसके साथ ही हर हर महादेव और बाबा बैद्यनाथ की जय के गगनभेदी जयकारों से पूरा धाम भक्तिमय हो उठा। भीषण ठंड के बावजूद श्रद्धालु घंटों कतार में खड़े रहकर अपनी बारी का इंतजार करते दिखे।
पहली बार हिमालयी फूलों से सजा बाबा मंदिर
नववर्ष के अवसर पर बाबा मंदिर को भव्य और आकर्षक रूप दिया गया है। करीब पांच लाख रुपए के फूलों से पूरे मंदिर परिसर को सजाया गया, जिससे धाम अलौकिक छटा बिखेरता नजर आया। खास बात यह रही कि पहली बार हिमालय क्षेत्र से मंगाए गए फूलों से सजावट की गई।
इसमें कार्नेशन, लिलियम, डेजी, क्रिसेंथेमम और गुलाब जैसी दुर्लभ किस्में शामिल हैं। रंग-बिरंगे फूलों और रोशनी से सजा मंदिर परिसर श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता रहा। हर कोई इस दृश्य को कैमरे में कैद करता दिखा।
टोकन सिस्टम से जलार्पण, पुलिस मुस्तैद
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने श्रावणी मेला की तर्ज पर व्यवस्था की। भीड़ नियंत्रण के लिए अर्घ पूजा और आरती दर्शन बंद रखे गए। जलार्पण के लिए टोकन सिस्टम लागू किया गया है।
प्रवेश-निकास मार्गों पर अतिरिक्त बैरिकेडिंग की गई। कतारों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल और दंडाधिकारी लगातार मुस्तैद रहे। जरूरत पड़ने पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
600 रुपए में शीघ्र दर्शन, अलर्ट मोड में प्रशासन
नववर्ष के पहले दिन शीघ्र दर्शन कूपन की कीमत 600 रुपए तय की गई है। बुजुर्गों और विशेष जरूरत वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग व्यवस्था की गई है। बाबा मंदिर से लेकर शहर के प्रमुख चौक-चौराहों तक सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
एसडीओ रवि कुमार समेत सभी पदाधिकारी अलर्ट मोड में रहे। सीसीटीवी से निगरानी, पेयजल, चिकित्सा और स्वयंसेवकों की तैनाती के साथ प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि श्रद्धालु शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से बाबा बैद्यनाथ के दर्शन कर सकें।
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