उत्तर प्रदेश का फिरोजाबाद कांच की चूड़ियों के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है. यहां हजारों कारीगर दिन-रात मेहनत कर इन रंग-बिरंगी चूड़ियों को तैयार करते हैं. लेकिन, इस चमक-दमक के पीछे एक कड़वी सच्चाई छिपी है. चूड़ी की जुड़ाई का काम बेहद खतरनाक है, जहां मिट्टी के तेल और गैस के इस्तेमाल के दौरान छोटे-से हादसे भी जानलेवा साबित हो जाते हैं. बावजूद इसके, हादसों के बाद कारीगरों को न तो पर्याप्त मुआवजा मिलता है और न ही सुरक्षा की ठोस व्यवस्था.
मिट्टी के तेल और गैस की आग पर होता है काम
चूड़ी जुड़ाई का काम करने वाले कारीगर रामदास मानव ने बताया कि कारखानों में कच्ची कांच की चूड़ियां तैयार होने के बाद जुड़ाई के लिए अलग अड्डों पर भेजी जाती हैं. कई बार चूड़ियों का जोड़ टेढ़ा रह जाता है, जिसे ठीक करने के लिए कारीगर मिट्टी के तेल से भरी डिब्बी और गैस की मदद से आग जलाते हैं. इस आग पर चूड़ी के जॉइंट को सीधा किया जाता है. यह प्रक्रिया बेहद सावधानी मांगती है, क्योंकि जरा सी लापरवाही बड़ा हादसा कर सकती है. दिनभर मेहनत करने के बाद कारीगरों को मात्र 150 से 200 रुपये तक की मजदूरी मिल पाती है, जिससे वे अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं.
मिलावटी केरोसिन से बढ़ रहा खतरा
चूड़ी जुड़ाई मजदूर संघ के अध्यक्ष रामदास मानव के अनुसार, पहले इस काम में शुद्ध मिट्टी के तेल का इस्तेमाल होता था. लेकिन, अब मिलावटी केरोसिन (एमटीओ – मिनरल टेम्पर ट्रायल ऑयल) दिया जा रहा है. सरकार की ओर से यह तेल मुफ्त उपलब्ध कराया जाता है, लेकिन इसमें मिलावट होने की वजह से डिब्बी फटने की घटनाएं बढ़ गई हैं. कारीगरों का कहना है कि कई बार अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. हाल ही में डिब्बी फटने से एक महिला कारीगर की मौत हो गई. इससे पहले भी लगभग 400 लोग ऐसे हादसों का शिकार हो चुके हैं.
हादसे के बाद नहीं मिलता मुआवजा
सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि हादसा होने पर घायल मजदूरों को किसी प्रकार का मुआवजा या सुविधा नहीं मिलती. कई परिवार इन दुर्घटनाओं के बाद आर्थिक और सामाजिक रूप से बर्बाद हो चुके हैं. फिरोजाबाद की चमचमाती चूड़ियों के पीछे छिपा यह कड़वा सच कारीगरों की जिंदगी की हकीकत बयां करता है, जहां रोज़ी-रोटी के लिए उन्हें हर दिन अपनी जान दांव पर लगानी पड़ती है.
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पिछले 4 साल से मीडिया इंडस्ट्री में काम कर रही हूं और फिलहाल News18 में कार्यरत हूं. इससे पहले एक MNC में भी काम कर चुकी हूं. यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की बीट कवर करती हूं. खबरों के साथ-साथ मुझे…और पढ़ें
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