शासन के आदेश के बाद पाकिस्तानी नागरिकता का तथ्य छिपाकर शिक्षिका बनी पाकिस्तानी नागरिक के खिलाफ 33 साल के बाद प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षिका के खिलाफ अजीमनगर थाने में तहरीर दी गई थी।
शहर के कोतवाली क्षेत्र के आतिशबाज मोहल्ला निवासी अख्तर अली की बेटी फरजाना का 17 जून 1979 को पाकिस्तान के सिबगत अली से निकाह हुआ था। निकाह के बाद वह पाकिस्तान चली गई और वहां की नागरिकता ले ली। पाकिस्तान में उसने दो बेटियों को जन्म दिया।
निकाह के करीब तीन साल बाद उसका तलाक हो गया और वह अपनी दोनों बेटियों के साथ रामपुर अपने मायके लौट आई। इसके बाद वीजा अवधि समाप्त होने के भारत में रह रही फरजाना के खिलाफ एलआईयू की ओर से 1983 में शहर कोतवाली में विदेशी अधिनियम में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
पाक नागरिकता का तथ्य छिपाकर 22 जनवरी 1992 में उसने शिक्षिका की नौकरी हासिल की थी। इसके बाद एलआईयू की जांच में खुलासा होने के बाद शिक्षिका को बर्खास्त कर दिया गया था।
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