धार के प्रधान डाकघर में शासकीय योजनाओं की राशि के दुरुपयोग और गंभीर वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया है। सूचना मिलने पर इंदौर से आई टीम ने विभागीय स्तर पर जांच शुरू की। संभागीय जांच में खुलासा हुआ कि डाकघर में पदस्थ रहे निलंबित डिप्टी पोस्ट मास्टर निर्मल सिंह पंवार, पोस्ट मास्टर कुणाल मकवाना और सहायक डिप्टी डाक नेपालसिंह गुड़िया ने आपसी मिलीभगत से शासकीय राशि का अनाधिकृत रूप से नगद भुगतान कर उसका गलत उपयोग किया।
पहले से भुगतान प्रमाण पत्रों का दोबारा नगद डिस्चार्ज
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने फिनेकल सॉफ्टवेयर में अपनी आईडी का दुरुपयोग करते हुए पहले से भुगतान हो चुके लाड़ली लक्ष्मी योजना के एनएससी प्रमाण पत्रों को पुनः अनफ्रीज कर नगद में डिस्चार्ज किया। 22 अप्रैल, 30 अगस्त, 9 अक्तूबर, 11 अक्तूबर और 16 अक्तूबर 2025 के एनएससी डिस्चार्ज जर्नल की जांच में पाया गया कि संबंधित प्रमाण पत्रों पर पहले ही परियोजना अधिकारी आईसीडीएस के हस्ताक्षर, मुहर और निसरपुर उप डाकघर की ओब्लोंना मुहर लगी हुई थी, जिससे भुगतान पहले ही हो चुका होना स्पष्ट था। इसके बावजूद धार प्रधान डाकघर से दोबारा नकद भुगतान किया गया, जिससे कुल 3,57,021 रुपये की शासकीय राशि का गबन हुआ।
बिना मूल दस्तावेजों के किया गया नकद भुगतान
इसके अलावा 1 मार्च, 14 जून, 20 जून, 9 जुलाई, 11 जुलाई, 18 जुलाई और 28 अक्तूबर 2025 के डिस्चार्ज जर्नलों की जांच में यह तथ्य सामने आया कि इन तिथियों में नगद भुगतान दर्ज है, लेकिन न तो मूल प्रमाण पत्र उपलब्ध हैं और न ही संबंधित डिस्चार्ज जर्नल। जांच में पाया गया कि बिना किसी वैध दस्तावेज के प्रमाण पत्रों को अनफ्रीज कर 2,51,883 रुपये का नकद भुगतान कर लिया गया।
एफडी के नाम पर छह लाख की राशि नकद निकाली
डाक निरीक्षक राकेश कुमार वर्मा द्वारा थाने में दिए गए आवेदन में एक अन्य गंभीर अनियमितता का भी उल्लेख किया गया है। खाताधारक गोकुलसिंह नर्गेश ने एक वर्ष की सावधि जमा एफडी के लिए पोस्ट मास्टर धार के नाम छह लाख रुपये का चेक दिया था। जांच में सामने आया कि चेक की राशि अनाधिकृत रूप से नकद निकाल ली गई, जबकि आज तक खाताधारक का एफडी खाता ही नहीं खोला गया। खाताधारक ने अपने कथन में इस तथ्य की पुष्टि की है।
अन्य खातों में अनाधिकृत समायोजन कर किया गबन
जांच में यह भी पाया गया कि नॉन-पीओएसबी चेक के माध्यम से जमा हुई राशि, जो फिनेकल के 0382 ऑफिस अकाउंट में क्रेडिट होती है, उसका सही समायोजन नहीं किया गया। इसके तहत एसबीआई धार में 8 लाख, यूको बैंक में 5 लाख और राज्य सहकारी बैंक इंदौर में 10 लाख रुपये, कुल 23 लाख रुपये की राशि अनाधिकृत रूप से अन्य खातों में समायोजन कर गबन कर दी गई।
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एफआईआर दर्ज, गिरफ्तारी बाकी
डाक निरीक्षक राकेश कुमार वर्मा की शिकायत पर नौगांव पुलिस ने डिप्टी पोस्ट मास्टर निर्मल सिंह पंवार, पोस्ट मास्टर कुणाल मकवाना और सहायक डिप्टी डाक नेपालसिंह गुड़िया के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(5) और 318(4) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया है। फिलहाल आरोपियों की गिरफ्तारी होना शेष है। जांच में अनियमितता पाए जाने के बाद तीनों कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है।
थाना प्रभारी हीरुसिंह रावत ने बताया कि डाक कार्यालय की ओर से आवेदन प्राप्त हुआ था। विभागीय जांच में तीन कर्मचारियों द्वारा की गई अनियमितता सामने आई है। विभाग ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की है और जांच से जुड़े कुछ और दस्तावेज मांगे गए हैं। अनाधिकृत रूप से राशि का समायोजन कर दुर्विनियोजन किया गया है, जिस पर प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस अपने स्तर पर मामले की जांच कर रही है।
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