प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में रबी-2025-26 सीजन के लिए अधिसूचित गेहूं, जौ, चना, सरसो, तारामीरा एवं पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा में अधिसूचित सौंफ, नीबू, आम, टमाटर, तरबूज फसलों का बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 दिसम्बर है।
कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक रामराज मीना ने बताया कि गेहूं की बीमित राशि 91835, जौ की 61935, चना की 80244, सरसों की 103337, तारामीरा की 33813 रुपए प्रति हेक्टेयर है। किसान को बीमित राशि का 1.5 प्रतिशत ही वहन करना है। शेष प्रीमियम केन्द्र व राज्य सरकार 50-50 प्रतिशत के अनुपात में कृषक की ओर से जमा कराएगी।
दौसा जिले में योजना की अधिसूचना के लिए एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कम्पनी ऑफ इंडिया लिमिटेड को अधिगृहीत किया गया है। जिन कृषकों ने किसी भी बैंक से केसीसी ले रखा है तथा नियमित लेन-देन कर रहे हैं, उनका फसल बीमा बैंक द्वारा स्वतः ही किया जाता है। किसान द्वारा फसल की बुवाई के परिवर्तन की सूचना 29 दिसम्बर तक की जा सकती है। केसीसी धारक कृषक को 24 दिसम्बर से पूर्व योजना से पृथक रहने के लिए घोषणा-पत्र प्रस्तुत करने की सुविधा दी गई थी।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार योजनांतर्गत फसली ऋण केसीसी धारक कृषक का बीमा, राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल, नजदीकी बैंक शाखा CSC के माध्यम से करवा सकते है प्रीमियम कटौती ऋणी केसीसी धारक कृषकों के खाते में की जा सकेगी।
गैर ऋणी कृषकों को अपनी फसल का बीमा करवाने के लिए प्रस्तावित क्षेत्रफल में बोयी जाने वाली फसल के खसरा नंबर स्वप्रमाणित नवीनतम जमाबन्दी की नकल एवं स्वप्रमाणित घोषणा-पत्र जिसमें प्रत्येक खसरे का कुल क्षेत्रफल, फसल बुवाई का क्षेत्रफल, मासिक श्रम एवं बीमा हित का प्रकार स्वयं अथवा बटाई तथा बैंक खाते के पासबुक की प्रति देनी होगी।
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