खरगोन जिले के सनावद शहर में सोमवार को किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। नेशनल हाईवे- (इंदौर- खंडवा इच्छापुर-ऐदलाबाद मार्ग) 4 बजे के बाद चक्काजाम हो गया। कारण था कृषि उपज मंडी में सीसीआई (कॉटन कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया) द्वारा स्लॉट बुकिंग के सख्त नियम। निर्धारित स्लॉट से अधिक कपास की खरीदी न करने के नए आदेश ने सैकड़ों किसानों को सड़क पर उतार दिया। राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के कार्यकर्ताओं ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया और सीसीआई पर अनियमितताओं का आरोप लगाया।
प्रशासन के आदेश पर मंडी प्रशासन ने स्लॉट बुकिंग को कड़ाई से लागू किया। इसका मकसद मंडी में भीड़भाड़ रोकना और व्यवस्थित खरीदी सुनिश्चित करना था। लेकिन यह नीति किसानों की मेहनत पर पानी फेर गई। कई दिनों से ट्रैक्टरों में लादकर लाई गई कपास मंडी परिसर में खड़ी पड़ी रही। स्लॉट खत्म होते ही प्रशासन ने कहा, अधिक फसल नहीं खरीदेंगे। किसानों का दर्द यही है। एक किसान ने कहा, “हमने खेतों में पसीना बहाया, कर्ज लेकर बीज-खाद डाली। अब स्लॉट नहीं तो फसल सड़ जाएगी। बेचें कहां? जिले में कपास की पैदावार अच्छी हुई, लेकिन स्लॉट की संख्या वास्तविक उपज से मेल नहीं खा रही। निजी व्यापारियों की कमी और वैकल्पिक खरीदी केंद्रों का अभाव ने स्थिति को और जटिल बना दिया।
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हाईवे जाम से ठप्प पड़ा जनजीवन
व्यापार और यात्रा प्रभावित प्रदर्शन कारियों ने हाईवे के बीचों-बीच ट्रैक्टर खड़े कर जाम लगा दिया। दोनों तरफ ट्रकों, कारों और मोटरसाइकिलों की लंबी कतारें लग गईं। सोमवार बाजार का दिन होने से सैकड़ों गांवों के लोग खरीदारी के लिए खरगोन जिले के सनावद पहुंचे थे। ऊपर से शीतला माता पीरनपुर मेला चल रहा है, जिससे यातायात पहले से चरम पर था। घंटों फंसे यात्री और ड्राइवर परेशान रहे। व्यापारिक गतिविधियां रुक गईं।आपात सेवाएं जैसे एम्बुलेंस भी प्रभावित हुईं। आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस और प्रशासन ने किसानों को समझाने की कोशिश की, लेकिन बात बनी नहीं। किसानों ने चेतावनी दी, बड़े अधिकारी आकर समस्या हल न करेंगे तो जाम नहीं खोलेगा।