बोधगया के कन्वेंशन हॉल में आयोजित भूमि सुधार जनकल्याण संवाद कार्यक्रम उस समय हंगामेदार हो गया, जब बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा के संबोधन के दौरान किसानों का आक्रोश फूट पड़ा। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों की समस्याओं को सुनना और समाधान निकालना था, लेकिन यह मंच प्रखंड स्तर पर कथित भ्रष्टाचार और किसानों की वर्षों पुरानी पीड़ा को सामने लाने का माध्यम बन गया।
जमीन से जुड़े मामलों में भ्रष्टाचार के आरोप
किसानों ने जमीन के कागजातों में हेराफेरी, नामांतरण और दाखिल-खारिज जैसे कार्यों में रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप लगाए। किसानों का कहना था कि बिना पैसे दिए कोई भी काम नहीं हो रहा है और पदाधिकारी खुलेआम घूस मांगते हैं। इसी दौरान एक किसान मंच के सामने रो-रो कर अपनी आपबीती सुनाने लगा, जिससे सभागार में कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया।
भावुक किसान ने सुनाई वर्षों की लड़ाई
एक बुजुर्ग किसान भावुक होकर फूट-फूट कर रोने लगे और कहा कि वह वर्षों से अपनी जमीन के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन आज तक उन्हें न्याय नहीं मिला। उनकी पीड़ा ने वहां मौजूद अन्य किसानों की भावनाओं को भी झकझोर दिया और देखते ही देखते पूरे कन्वेंशन हॉल में शोर-शराबा गूंजने लगा।
मंच पर बैठे अधिकारी दिखे असहज
किसानों के आरोपों के बीच मंच पर मौजूद पदाधिकारी और अधिकारी असहज नजर आए। किसानों की नाराजगी और लगातार उठते सवालों के कारण सभागार में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। हालात को संभालते हुए डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने किसानों को शांत कराने की कोशिश की और उनकी बातों को गंभीरता से सुनने का आश्वासन दिया।
डिप्टी सीएम का कार्रवाई का भरोसा
डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि हर समस्या का समाधान संभव है और जो लोग गड़बड़ी कर रहे हैं, उन्हें चिन्हित कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जमीन के कागजातों में छेड़छाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और 15 दिनों के भीतर जमीन से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
पुराने रिकॉर्ड सुधारने के लिए विशेष टीम
डिप्टी सीएम ने बताया कि 20 से 21 लोगों की एक विशेष टीम गठित की गई है, जो पुराने जमीन रिकॉर्ड में प्रयुक्त कैथी लिपि का अनुवाद करेगी। इन टीमों को पटना में विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि पुराने दस्तावेजों को सही तरीके से समझा और सुधारा जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई भूमि माफिया या व्यक्ति पदाधिकारियों के साथ बदतमीजी करता है, तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
पदाधिकारियों को सख्त चेतावनी
अपने सख्त तेवर दिखाते हुए डिप्टी सीएम ने पदाधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी दी कि यदि किसी ने गलत काम किया, तो उसका खामियाजा केवल वही नहीं, बल्कि उसका परिवार भी भुगतेगा। उनके इस बयान के बाद सभागार में मौजूद अधिकारियों के बीच खलबली साफ तौर पर देखी गई।
2005 से पहले के बिहार का जिक्र
डिप्टी सीएम ने 2005 से पहले के बिहार की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भू-माफियाओं का दबदबा था और राज्य की पहचान गोलियों की तड़तड़ाहट से होती थी। उन्होंने दावा किया कि एनडीए सरकार बनने के बाद भू-माफियाओं पर नकेल कसी गई, कानून-व्यवस्था मजबूत हुई और जमीन से जुड़े मामलों में कार्रवाई शुरू हुई।
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