फरीदकोट बस स्टैंड पर धरना देते पीआरटीसी कर्मचारी।
फरीदकोट बस स्टैंड पर पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी के कांट्रैक्ट वर्कर यूनियन के आह्वान पर कर्मचारियों द्वारा पंजाब सरकार और मैनेजमेंट के खिलाफ धरना देकर नारेबाजी की गई। इस दौरान कर्मचारियों ने करीब 40 दिन पहले हड़ताल के दौरान गिरफ्तार किए गए अपने स
साथ ही धरने के दौरान कर्मचारियों ने जेलों से रिहा और नौकरी पर बहाल हो चुके साथियों को तुरंत ड्यूटी पर जॉइन करवाने, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने तथा पीआरटीसी, पनबस और पंजाब रोडवेज में कम से कम 10 हजार नई बसें शामिल करने की मांग भी रखी। इस मौके पर कर्मचारी नेताओं ने कहा कि करीब सवा महीने पहले प्रदेश भर में पीआरटीसी, पनबस और पंजाब रोडवेज के कर्मचारियों द्वारा लगातार पांच दिनों तक हड़ताल की गई थी।
फरीदकोट में धरना देकर बैठे परिवहन कर्मचारी।
गिरफ्तार साथियों को रिहा करने की मांग
इस हड़ताल के दौरान सरकार के साथ सहमति बनी थी कि आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किए गए सभी कर्मचारियों को बिना शर्त रिहा किया जाएगा। हालांकि कुछ साथियों को रिहा कर दिया गया है, लेकिन अभी भी कई कर्मचारी जेलों में बंद हैं, जिनके खिलाफ इरादा-ए-कत्ल जैसी गंभीर धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं।
उन्होंने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए बताया कि इस मामले में अब सरकार और प्रशासन की ओर से कोई सुनवाई नहीं हो रही है, जिसके चलते प्रदेशभर में गेट रैलियां कर प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इसके साथ ही 9 जनवरी को संगरूर में कन्वेंशन कर आगामी संघर्ष कार्यक्रम का ऐलान किया जाएगा।

जानकारी देते कर्मचारी नेता हरजिंदर सिंह।
मांगों को पूरा न किया तो संघर्ष तेज करने को होंगे मजबूर- कर्मचारी नेता
इस मौके पर पीआरटीसी फरीदकोट डिपो के प्रधान हरजिंदर सिंह और जनरल सेक्रेटरी हरदीप सिंह धालीवाल ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने गिरफ्तार साथियों को रिहा नहीं किया और कर्मचारियों को ड्यूटी पर वापस नहीं लिय तो यूनियन की ओर से तीखा संघर्ष किया जाएगा जिसकी समूची जिम्मेवारी राज्य सरकार व मैनेजमेंट की होगी।
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