मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के कारण एलपीजी समेत अन्य पेट्रोलियम पदार्थों की संभावित कमी को लेकर हर वर्ग में चिंता का माहौल देखा जा रहा है। हालांकि सरकार का दावा है कि गैस, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, लेकिन लोगों में फिर भी आशंका बनी हुई है कि आने वाले दिनों में किल्लत हो सकती है। इस स्थिति का असर धार्मिक स्थलों पर भी देखने को मिल रहा है। फरीदकोट के ऐतिहासिक गुरुद्वारा टिल्ला बाबा शेख फरीद और गुरुद्वारा गोदड़ी साहिब का प्रबंधन संभाल रही कमेटी ने एलपीजी गैस की किल्लत होने की आशंका में गुरुद्वारा साहिबों में श्रद्धालुओं के लिए लंगर तैयार करने के लिए लकड़ियां स्टोर करनी शुरू कर दी है। रोजाना करीब सात हजार लोग खाते हैं लंगर यहां पर रोजाना लगभग 5 से 7 हजार श्रद्धालु लंगर ग्रहण करते है जबकि वीरवार के दिन यह संख्या बढ़कर 20 हजार तक भी पहुंच जाती है। इस मामले में गुरुद्वारा साहिब के प्रबंधकों ने बताया कि फिलहाल उन्हें गैस की सप्लाई बिना किसी रुकावट के मिल रही है। लेकिन भविष्य में अगर किसी तरह की कमी आती है, तो उसके लिए पहले से ही वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर लकड़ी के ईंधन का स्टॉक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बाबा फरीद धार्मिक और विद्यक सोसायटी के अधीन दो मुख्य गुरुद्वारे टिल्ला बाबा फरीद और गुरुद्वारा गोदड़ी साहिब आते हैं, जहां रोजाना हजारों श्रद्धालुओं के लिए लंगर तैयार किया जाता है। किसी भी हाल में लंगर सेवा प्रभावित नहीं देंगे-मैनेजर इस मामले गुरुद्वारा टिल्ला बाबा के मैनेजर निशान सिंह ने बताया कि उन्हें जिला प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि गैस सप्लाई में किसी तरह की समस्या नहीं आने दी जाएगी और गैस एजेंसी संचालकों ने गैस का संयम के साथ उपयोग करने की सलाह दी है। अगर भविष्य में गैस की कमी होती है तो लकड़ी को वैकल्पिक ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा ताकि लंगर सेवा प्रभावित न हो। गुरुद्वारा कमेटी का फैसला है कि गैस की कमी होने पर भी लंगर में किसी तरह की कोई कटौती नहीं की जाएगी और किसी भी श्रद्धालु को बिना लंगर के वापस नहीं भेजा जाएगा।
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