फरीदकोट में अतिरिक्त जिला व सेशन जज की अदालत ने 37 वर्ष पुराने मोटर दुर्घटना मृत्यु मुआवजा मामले में गिद्दड़बाहा (श्री मुक्तसर साहिब) से आम आदमी पार्टी के विधायक हरदीप सिंह डिंपी ढिल्लों के परिवार से संबंधित ट्रांसपोर्ट कंपनी की 2 बसों को अटैच करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने मुआवजा आदेश के क्रियान्वयन के खिलाफ आपत्तियों को खारिज कर किया। अपने आदेश में अतिरिक्त जिला जज कृष्ण कांत जैन ने कहा कि इस दुर्घटना मृत्यु मुआवजा मामले में ट्रांसपोर्ट कंपनी द्वारा दायर आपत्तियां केवल मामले को टालने की कोशिश हैं और इन्हें स्वीकार नहीं किया जा सकता। यह मामला 16 अप्रैल 1989 को हुए एक सड़क हादसे से जुड़ा है, जिसमें श्री मुक्तसर साहिब जिला निवासी मुख्तियार चंद की मृत्यु हो गई थी। मृतक के परिवार की मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल, फरीदकोट में दायर याचिका पर 9 जून 1992 को फैसला सुनाते हुए दीप बस सर्विस प्राइवेट लिमिटेड, गिद्दड़बाहा की बस के चालक और मालिक को 1.08 लाख रुपए मुआवजा तथा 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने का आदेश दिया गया था। हाईकोर्ट से खारिज हुई थी अपील बस मालिक ने फैसले को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी। मार्च 2016 में हाईकोर्ट ने अपील खारिज करते हुए मुआवजा राशि को बढ़ाकर 3.31 लाख रुपए कर दिया। 2024 में शुरू हुई निष्पादन कार्यवाही के दौरान ट्रांसपोर्ट कंपनी ने तर्क दिया कि मुआवजा आदेश में जिस कंपनी का नाम है वह अलग है। जबकि वर्तमान में न्यू दीप बस सर्विस नाम से अलग इकाई काम कर रही है, इसलिए आदेश उस पर लागू नहीं होता। हालांकि अदालत ने पाया कि दीप बस और न्यू दीप बस सर्विस, को एक ही समूह के लोग संचालित कर रहे हैं। वर्तमान में 12.50 लाख बनती है मुआवजा राशि-वकील इस मामले में पीड़ित परिवार के वकील मंगत अरोड़ा ने बताया कि वह जब भी अदालत को बसें अटैच करने के लिए बसों के नंबर देते थे तो कंपनी उन बसों को फरीदकोट भेजना बंद कर देती थी। बसें अटैच होने से परिवार को मुआवजा राशि मिलने की उम्मीद जगी है। वर्तमान समय में मुआवजा करीब साढ़े 12 लाख बनता है।
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