पंजाब के फरीदकोट शहर में बसंत पंचमी पर इस बार हुई चाइना डोर की खुलेआम बिक्री और उपयोग को लेकर सीर सोसाइटी, जल- जीवन बचाओ मोर्चा सहित अन्य समाजसेवी संगठनों द्वारा पुलिस प्रशासन के खिलाफ रोष मार्च निकाला गया। रोष मार्च के दौरान पतंगबाजी के बाद शहर के विभिन्न इलाकों से एकत्र की गई चाइना डोर की बड़ी खेप पुलिस प्रशासन को सौंपते हुए कार्रवाई की मांग की गई। रोष प्रदर्शन में शामिल संगठनों के नेताओं ने आरोप लगाया कि बसंत पंचमी से काफी पहले ही उन्होंने पुलिस के उच्च अधिकारियों को लिखित शिकायतें भेजकर मांग की थी कि इस बार चाइना डोर की बिक्री पर सख्ती से रोक लगाई जाए, लेकिन अफसोस की बात है कि इस साल पिछले वर्षों की तुलना में पुलिस द्वारा भारी लापरवाही बरती गई। प्रदर्शनकारी बोले- खुलेआम हुई चाइना डोर की बिक्री उन्होंने कहा कि पुलिस की इस लापरवाही के कारण शहर में चाइना डोर की खुलेआम बिक्री हुई और इसका धड़ल्ले से उपयोग भी किया गया। चाइना डोर के कारण पिछले वर्षों की तरह इस साल भी पक्षियों को भारी नुकसान पहुंचा है। अकेले फरीदकोट शहर में ही राष्ट्रीय पक्षी मोर सहित कई अन्य पक्षियों की मौत होने की बात सामने आई है। संगठनों के कार्यकर्ताओं द्वारा शहर के कई इलाकों से चाइना डोर के टुकड़े एकत्र कर पुलिस को सबूत के तौर पर सौंपे गए, ताकि यह साबित किया जा सके कि शहर में खुलेआम चाइना डोर का इस्तेमाल किया गया। इस मौके पर चाइना डोर के कारण लुधियाना व फिरोजपुर में मारे गए बच्चों की याद में दो मिनट का मौन भी रखा गया। डीजीपी की हिदायत पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई: समाजसेवी इस मौके पर बातचीत करते हुए समाजसेवी शंकर शर्मा और अमन वड़िंग ने बताया कि उन्होंने डीजीपी पंजाब को भी शिकायत भेजी थी और डीजीपी द्वारा जिला पुलिस को सख्त निर्देश भी जारी किए गए थे, लेकिन इसके बावजूद जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले वर्षों की तरह इस साल भी पुलिस प्रशासन चाइना डोर की बिक्री रोकने में नाकाम साबित हुआ है और दोषियों के खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। देखें फोटो…
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