हैंडमेड हैं सारे प्रोडक्ट
Local18 से बात करते हुए ममता ने अपनी कहानी शेयर की. बोलीं मैं जलगांव से हूं और पिछले चार-पांच साल से ये काम कर रही हूं. मेरे सारे प्रोडक्ट घर पर, हाथ से बनते हैं. जैसे लहसुन का पापड़ इसमें उड़द दाल, लहसुन, मिर्च और मसाले डालकर हाथ से बेलते हैं. केले के चिप्स भी उनके पास पांच फ्लेवर में हैं और महाराष्ट्र की फेमस मल्टीग्रेन चकली, जो ज्वार, बाजरा, चना दाल, उड़द दाल से बनती है लोग उसे भी खूब पसंद कर रहे हैं. दाम भी वाजिब हैं चकली का पैकेट 130 रुपये, केले के चिप्स 100 रुपये और लहसुन का पापड़ आधा किलो 200 रुपये में.
कोरोना ने बदली जिंदगी
ममता की जिंदगी पहले ऐसी नहीं थी. वो बस एक हाउस वाइफ थीं घर संभालती थीं. सबकुछ ठीक चल रहा था लेकिन साल 2020 में कोरोना ने सब बदल दिया. उनके पति की तबीयत अचानक बिगड़ गई नौकरी भी चली गई. इलाज में जितनी जमा-पूंजी थी सब खत्म होने लगी. ममता बताती हैं तब ऐसा समय था कि घर में कोई कमाई का सहारा नहीं बचा था. मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था जो भी पैसे थे सब इलाज में जा रहे थे.
इस मुश्किल समय में ममता ने हार नहीं मानी. उन्होंने तय किया कि अब खुद कुछ करेंगी. सोचा क्यों न घर से ही काम शुरू किया जाए? फिर अपने ग्रुप की औरतों के साथ मिलकर पापड़, चकली और बाकी चीजें बनाना शुरू किया. शुरुआत आसान नहीं थी. ममता को नहीं पता था सामान बेचना कैसे है बाजार तक पहुंचेंगे कैसे. फिर उन्होंने ट्रेनिंग ली ग्रुप के साथ सब समझा और धीरे-धीरे लोगों तक अपने प्रोडक्ट पहुंचाने लगीं.
दूर-दूर से आते हैं ऑर्डर
शुरुआत में ममता लोगों से कहती थीं पहले ट्राई करो अच्छा लगे तो फिर खरीदना. धीरे-धीरे लोगों को उनके प्रोडक्ट पसंद आने लगे बिक्री बढ़ती गई. अब तो आलम ये है कि ममता अपने प्रोडक्ट पूरे भारत में भेजती हैं. अलग-अलग राज्यों के मेलों में स्टॉल लगाती हैं. फरीदाबाद के सरस मेले में वो पहली बार आई हैं और यहां जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है. खासतौर पर लहसुन का पापड़ लोग बहुत पसंद कर रहे हैं. ममता बताती हैं मैं 200 किलो लहसुन पापड़ लेकर आई थी अब बस 70 किलो ही बचा है.
काम ने बदली जिंदगी
इस काम ने ममता की पूरी जिंदगी बदल दी है. उनके बच्चे अच्छे स्कूल में पढ़ रहे हैं पति बहुत बीमार थे. इलाज भी इसी कमाई से हो गया. कुछ पैसे रिश्तेदारों से उधार लिए थे वो भी चुका दिए. ममता खुशी से बताती हैं मेरे पति अब पूरी तरह ठीक हैं और इस बार मेरे साथ सरस मेले में फरीदाबाद भी आए हैं.
हर महीने कमा रही हैं लाखों
कमाई की बात करें तो ममता आज हर महीने डेढ़ से दो लाख रुपये कमा रही हैं. उनके साथ करीब 10 महिलाएं हैं जो उनके ग्रुप का हिस्सा हैं. इस काम से उन सबके घर भी अच्छे से चल रहे हैं. ममता दूसरी महिलाओं को यही कहती हैं जिंदगी कभी भी करवट ले सकती है इसलिए हमेशा कुछ न कुछ करते रहो. हर किसी के अंदर कोई हुनर होता है बस उसे पहचानना जरूरी है. शुरुआत में मुझे भी बहुत दिक्कतें आईं, लेकिन मैंने हार नहीं मानी. आज उसी मेहनत की वजह से मैं अपने प्रोडक्ट देशभर में बेच पा रही हूं.
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