फरीदाबाद के नवादा गांव में भगवान दास ने चार बीघा में गेंदा बोया. 50 हजार खर्च किए, लेकिन मंडी में एक से पांच रुपये किलो दाम मिले. मजदूरी तक निकालना मुश्किल हो गया. परिवार की जिम्मेदारी और पट्टे का खर्च बढ़ा, तो फूल खेत में ही छोड़ने पड़े. किसान को अब मेहनत की सही कीमत का इंतजार है. लोकल 18 से बातचीत में वे कहते हैं कि चार बीघा में जाफरी वैरायटी लगाई थी. काफी मेहनत भी की, लेकिन घाटे का खतरा मंडरा रहा है. मजदूर एक दिन फूल तोड़ने के 400 से 500 रुपये मांगते हैं. ऐसे में जब मंडी में दाम नहीं तो मजदूर लगवाना भी बेकार हो गया.
उगाना आसान नहीं
गेंदे की खेती वैसे भी आसान नहीं होती. पहले पौध तैयार करो फिर खेत में चार-पांच बार जुताई उसके बाद क्यारियां बनवाओ. पौध रोपने से लेकर सिंचाई तक, हर कदम पर मेहनत और पैसा दोनों लगता है. मजदूर एक दिन फूल तोड़ने के 400 से 500 रुपये मांगते हैं. ऐसे में जब मंडी में दाम नहीं तो मजदूर लगवाना भी बेकार हो गया. आखिरकार भगवान दास ने फूलों को खेत में ही छोड़ दिया है.
भगवान दास के परिवार में सात लोग हैं. पांच बच्चे, जिसमें से एक की शादी हो चुकी है और बाकी पढ़ाई कर रहे हैं. घर खर्च बच्चों की पढ़ाई शादी-ब्याह सब खेती पर ही टिका है. वो बताते हैं कि बदायूं में भी खेती करता था लेकिन वहां नुकसान ज्यादा होने लगा. वहां सिर्फ छह महीने में एक फसल होती है. घाटा बढ़ गया तो सोचा फरीदाबाद आ जाऊं. यहां साल भर खेती कर सकते हैं सब्जी भी..फूल भी. फरीदाबाद में वो छह महीने गेहूं और भिंडी उगाते हैं बाकी समय फूलों की खेती करते हैं. कई बार मुनाफा भी हुआ, लेकिन इस बार फूलों ने धोखा दे दिया. पांच बीघा का सालाना 40 हजार रुपये पट्टा देना पड़ता है. ऊपर से कर्ज लेकर खेती करते हैं.
भगवान दास कहते हैं कि अगर कम से कम 20 रुपये किलो भी दाम मिल जाए तो खर्च निकल सकता है. असली मुनाफा तो तब है जब 60 से 70 किलो फूल बिके और रेट 30 से 40 रुपये किलो मिले. खेतों में गेंदे के फूल चाहे जितने खूबसूरत हों किसान की जेब खाली है. भगवान दास फिर से सोच में हैं…मेहनत की सही कीमत आखिर कब मिलेगी?
About the Author
Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.