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Ground Report Faridabad Temple Demolition : फरीदाबाद NIT के नाथी चौक पर नगर निगम की ओर से मां दुर्गा के पुराने मंदिर को तोड़ने की कार्रवाई को लेकर तनाव पैदा हो गया है. लोग सड़कों पर उतरे और मंदिर को आस्था का केंद्र बताते हुए विरोध जताया. लोगों ने साफ कहा कि मंदिर को हाथ लगाने की कोशिश भी हुई तो पीछे नहीं हटेंगे. लोगों का कहना है कि उनकी सारी मनोकामनाएं यहीं पूरी होती हैं. लोग जैसे वैष्णो देवी जाते हैं उनके लिए ये वही जगह है. ये मंदिर नहीं टूटना चाहिए.
फरीदाबाद. हरियाणा के फरीदाबाद एनआईटी के नाथी चौक पर माहौल आज अचानक गरम हो गया. नगर निगम ने मां दुर्गा के पुराने मंदिर को तोड़ने की कार्रवाई से लोग गुस्से में सड़कों पर उतर आए. दोपहर तक मंदिर के बाहर अच्छी-खासी भीड़ इकट्ठा हो गई. आसपास के लोग साफ कह रहे थे कि ये सिर्फ ईंट-पत्थर नहीं ये हमारी आस्था का केंद्र हैं. यहां पचास साल से लोग पूजा कर रहे हैं. रोज दिए जलते हैं. त्यौहारों पर भजन-कीर्तन होते हैं. ऐसे में लोग मंदिर हटाने के फैसले से खफा हैं. Local 18 से बात करते हुए 80 साल की निर्मला की आंखें भर आईं. वो मंदिर के पास चबूतरे पर बैठी थीं. बोलीं कि मैं फरीदाबाद में ही पैदा हुई. यहीं रहती हूं और रोज इसी मंदिर में माथा टेकती हूं. बीमार पड़ जाऊं तो भी बिना दवाई के मां के भरोसे जीती हूं. मेरी सारी मनोकामनाएं यहीं पूरी होती हैं. लोग जैसे वैष्णो देवी जाते हैं मेरे लिए ये वही जगह है. मुझे मंदिर की असली उम्र नहीं पता लेकिन जितनी मेरी उम्र है उतना तो ये है ही. ये मंदिर नहीं टूटना चाहिए. मैं मां के भरोसे हूं, दवाई के नहीं.
स्थानीय निवासी अनिल ने बताया नगर निगम ने अभी तक कोई नोटिस नहीं दिया. मेरा जन्म यहीं हुआ है. मंदिर हमारी आस्था है. मंदिर को हम नहीं तोड़ने देंगे. मनीष ने कहा कि जब हम पैदा भी नहीं हुए थे, तब भी ये मंदिर था. हमारे बाप-दादाओं से भी पुराना है. जब एमसीएफ नहीं था जब बड़खल के विधायक धनेश अदलखा नहीं थे, तब भी मंदिर था. कोई जेसीबी आई तो हम यहीं खड़े रहेंगे. मंदिर नहीं हटेगा. विशाल चतुर्वेदी ने कहा कि ये हमारे परिवार का पुश्तैनी मंदिर है. मेरे पिताजी के टाइम से भी पहले का. नगर निगम ने तोड़ने का आदेश दिया, ये पूरी तरह गलत है. एक तरफ कहते हैं सनातनियों की सरकार है दूसरी तरफ मंदिर तोड़ रहे हैं. ये कहीं न कहीं धर्म पर हमला है. विधायक कहते हैं कि निगम मेरी मुट्ठी में है तो फिर आदेश आया कैसे? अब सुनने में आ रहा है कि आदेश वापस ले लिया गया है लेकिन निकला कैसे? ये सब निंदनीय है. हम विरोध करेंगे.
आगे क्या
हनीश नाम के युवक ने हाथ जोड़कर विधायक से अपील कि हमारे मंदिरों को मत तोड़ो. राम के नाम पर वोट लेकर जीतने वाले अब मां के मंदिर क्यों तोड़ रहे हैं? विकास करो लेकिन मंदिरों को मत छुओ. गौरक्षक बिट्टू बजरंगी भी पहुंच गए. बोले कि जब फरीदाबाद बसा भी नहीं था तब से ये मंदिर है. शहर के और भी 8 से 10 मंदिरों को तोड़ने का आदेश आया था लेकिन जनता के विरोध के आगे फैसला बदलना पड़ा. अब देखते हैं क्या होता है.
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Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें
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