भैंस खुश तो दूध ज्यादा
किसान सुंदर सिंह ने Local18 से बात करते हुए बताया कि उन्होंने अपने आधे एकड़ खेत में बरसीम बोया है. खास बात ये है कि भैंसों को ये सबसे ज्यादा पसंद आता है. सर्दियों में जब सिर्फ सूखा भूसा मिलता है, तो जानवर बस काम चलाने के लिए खाते हैं कई बार तो छोड़ भी देते हैं, लेकिन जैसे ही बरसीम सामने आता है वही मवेशी जी-जान से खाने लगते हैं और दूध भी बढ़ा देते हैं. सुंदर सिंह की सीधी बात…भैंस खुश तो दूध ज्यादा और बरसीम वही खुशी देता है.
बरसीम खास तौर पर ठंड के लिए है
सुंदर बताते हैं कि वैसे तो ज्वार भी चारे के लिए बोते हैं, लेकिन वो गर्मियों की फसल है ठंड में काम नहीं आती. बरसीम खास तौर पर ठंड के लिए है और इस मौसम में सबसे फायदेमंद भी. बोना बड़ा आसान खेत में बस एक-दो बार जुताई फिर छोटी क्यारियां बनाओ उनमें पानी भरो और ऊपर से हल्का सा बीज छींट दो. कुछ दिन में पौधे खुद-ब-खुद निकल आते हैं.
सिंचाई भी ज्यादा झंझट वाली नहीं
एक एकड़ में करीब 12 किलो बीज लगता है. सिंचाई भी ज्यादा झंझट वाली नहीं हर 20 दिन बाद पानी देना होता है. पूरे सीजन में चार-पांच बार पानी काफी है. सर्दियों में कीड़े-मकोड़े या फंगस जैसी कोई टेंशन नहीं तो दवा पर खर्च भी नहीं करना पड़ता.
बरसीम की सबसे बड़ी खूबी है इसका कम खर्च
किसानों के हिसाब से बरसीम की सबसे बड़ी खूबी है इसका कम खर्च. एक एकड़ में करीब 1000 रुपये में काम हो जाता है जो आज के हिसाब से नाममात्र है. बदले में फायदा कई गुना मवेशी ज्यादा दूध देते हैं और असली कमाई तो यहीं से होती है.
पशुपालन करना है, तो बरसीम जरूर उगाओ
गांव के किसान मानते हैं अगर पशुपालन करना है, तो बरसीम जरूर उगाओ. कम लागत आसान मेहनत और मवेशियों की सेहत तीनों फायदे एक साथ. शायद इसी वजह से हर सर्दी में डीग के खेतों में बरसीम की हरी चादर बिछ जाती है और अब ये यहां के किसानों की जरूरत बन चुका है.
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