Faridabad Air Quality: फरीदाबाद की हवा लगातार लोगों की सेहत पर भारी पड़ रही है. शहर का AQI खराब से गंभीर श्रेणी में बना हुआ है. अशोका एन्क्लेव पार्ट-3 में AQI 447 तक पहुंच गया, जबकि कई अन्य इलाकों में भी हालात चिंताजनक हैं. प्रदूषण का सबसे ज्यादा असर बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों पर पड़ रहा है. डॉक्टरों ने लोगों को बिना जरूरत बाहर न निकलने और मास्क का इस्तेमाल करने की सलाह दी है.
अगर अलग-अलग इलाकों पर नजर डालें तो तस्वीर और भी डरावनी हो जाती है. अशोका एन्क्लेव पार्ट-3 में AQI 447 तक जा पहुंचा. ये आंकड़ा किसी भी लिहाज से ठीक नहीं है. HSEB कॉलोनी में AQI 376, सेक्टर-55 में 380, बल्लभगढ़ में 330 और सेक्टर-17 में 368 दर्ज हुआ. इन नंबरों को देखकर लगता है जैसे हर तरफ हवा ही दुश्मन बन गई हो.
कुछ जगह हालात थोड़े कम खराब हैं लेकिन वहां भी राहत जैसी कोई चीज नहीं है. सेक्टर-14 में AQI 280 से ऊपर, सेक्टर-16 में 296, अशोका एन्क्लेव में 289 दर्ज हुआ. सेक्टर-11 में AQI कभी 197 तो कभी 272 तक पहुंचता है मतलब हालात यहां भी दांव पर ही हैं. सेक्टर-30 की हवा बाकी जगहों से थोड़ी बेहतर जरूर है AQI 112 से 150 के बीच रहता है लेकिन संवेदनशील लोगों के लिए ये भी खतरे से खाली नहीं.
सुबह का समय आते ही हवा और जहरीली हो जाती है. पास के गुरुग्राम में भी हालात कुछ अलग नहीं हैं. वहां का AQI सुबह के वक्त 300 से 330 के आसपास रहा. सेक्टर-51 में 172, जबकि सेक्टर-56 और 65 में हालत और खराब है. खासकर सेक्टर-65 में PM2.5 की मात्रा बहुत ज्यादा मिली है जो सीधा फेफड़ों पर वार करती है.
अब सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को हो रही है. लोगों को आंखों में जलन, गले में खराश, खांसी और सांस लेने में दिक्कत जैसी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं. डॉक्टर साफ-साफ कह रहे हैं बिना जरूरत घर से बाहर मत निकलो. अगर निकलना ही पड़े तो मास्क पहन लो और सुबह की सैर से तो फिलहाल दूर ही रहो.
साफ है फरीदाबाद और आसपास की हवा अभी किसी को राहत देने के मूड में नहीं है. जब तक प्रदूषण पर सख्त कदम नहीं उठते तब तक खुद ही सतर्क रहना पड़ेगा. अपनी सेहत का ध्यान रखना अब किसी की मजबूरी नहीं जरूरत बन गया है.
About the Author
पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 में प्रिंट मीडिया से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों म…और पढ़ें
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.