अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ 12 जनवरी 2026 को जयपुर में सरकार के विरोध में एक विशाल कर्मचारी महा रैली आयोजित करेगा। महासंघ के जिला संयोजक बाबूलाल गुर्जर ने बताया कि इस रैली में लगभग एक लाख कर्मचारी शामिल होंगे। कोटपूतली-बहरोड़ जिले से
इस रैली की तैयारियों को लेकर कोटपूतली में एक बैठक का आयोजन किया गया। इससे पूर्व, जयपुर में प्रदेश अध्यक्ष महावीर शर्मा की अध्यक्षता में एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) भी आयोजित की गई थी, जिसमें रैली के आयोजन संबंधी निर्देश दिए गए।
सात मांगों को सात संकल्प नाम दिया
संयुक्त महासंघ ने सरकार के समक्ष अपनी सात प्रमुख मांगें रखी हैं, जिन्हें ‘सात संकल्प’ नाम दिया गया है। इन मांगों को लेकर कर्मचारी सड़कों पर उतर रहे हैं।
इन संकल्पों में पदोन्नति संबंधी विसंगतियों को दूर करना, समय पर पदोन्नति करवाना और 8, 16, 24 तथा 32 वर्ष की सेवा पर चयनित वेतनमान लागू करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, कर्मचारियों के लिए केंद्र के समान पे-लेवल और वेतन विसंगतियों को दूर करने की मांग भी की गई है। पुरानी पेंशन योजना की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी एक प्रमुख मांग है।
महासंघ संविदा एवं मानदेय कार्मिकों, जैसे आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, मिड-डे मील बनाने वाले कर्मचारी और ठेके पर लगे कंप्यूटर कर्मियों को नियमित करने की मांग कर रहा है। साथ ही, एक पारदर्शी स्थानांतरण नीति तय करने और तृतीय श्रेणी अध्यापकों के स्थानांतरण करवाने की भी मांग की गई है।
अन्य मांगों में विभिन्न विभागों, निगमों और बोर्डों को समाप्त कर किए जा रहे निजीकरण को बंद करवाना शामिल है, जिसमें स्कूलों और अस्पतालों का निजीकरण भी शामिल है। कर्मचारियों के मान-सम्मान और स्वाभिमान की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी एक महत्वपूर्ण संकल्प है, जिसमें अवकाश के दिनों में कार्य करवाने और अनुपस्थिति पर अनुशासनात्मक कार्रवाई न करने की मांग है।
महासंघ से 34 संगठन जुड़े
अखिल राजस्थान राज्य संयुक्त कर्मचारी महासंघ से कुल 34 संगठन जुड़े हुए हैं। महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार इन सात संकल्पों को नहीं मानती है, तो यह चेतावनी रैली आगे की कार्रवाई का संकेत होगी।
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