जानें शिक्षक की ये खास टिप्स
शिक्षक अशोक चौधरी ने लोकल 18 से खास बातचीत में बताया कि अगर छात्र सही रणनीति और सीमित सिलेबस पर फोकस करें, तो कम समय में भी गणित में 60 से 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक लाए जा सकते हैं. उन्होंने बताया कि झारखंड बोर्ड की 10वीं की गणित परीक्षा मुख्य रूप से 4 ग्रुप में बंटी होती है. जहां सबसे अधिक अंक वाले प्रश्नों को पहचान कर तैयारी करना ही सफलता की कुंजी है.
शिक्षक के अनुसार ग्रुप-डी सबसे महत्वपूर्ण है. इसमें ज्यामिति से जुड़े प्रश्न आते हैं और यहां से सबसे ज्यादा अंक मिलते हैं. इसके लिए केवल चार प्रमुख थ्योरम को कंठस्थ करना जरूरी है. अगर कोई छात्र इन चार थ्योरम को अच्छे से याद कर लेता है, तो परीक्षा में कम से कम एक थ्योरम आने की गारंटी होती है, जिससे उसे सीधे 5 अंक मिल सकते हैं.
इन दो प्रश्नों से मिल जाएंगे 10 नंबर
इसके बाद ग्रुप-सी में सांख्यिकी (Statistics) से प्रश्न पूछे जाते हैं, जिसमें माध्य, माध्यिका और बहुलक शामिल होते हैं. इस भाग में कुल 10 महत्वपूर्ण प्रश्न हैं, जिन्हें कंठस्थ करने पर परीक्षा में कम से कम 2 प्रश्न आने की पूरी संभावना रहती है. इससे छात्र को लगभग 10 अंक आसानी से मिल सकते हैं. इसी ग्रुप में मेंसुरेशन यानी क्षेत्रफल और आयतन से भी एक प्रश्न आता है, जो फिर से 5 अंक दिला सकता है.
ये प्रश्न सभी स्टूडेंट कर लेते हैं हल
वहीं, ग्रुप-डी में कुल 6 प्रश्न होते हैं, जिनमें से 4 का उत्तर देना अनिवार्य होता है. सबसे खास बात यह है कि इन प्रश्नों के उत्तर भी पहले बताए गए चार थ्योरम के भीतर ही छिपे होते हैं. वहीं, ग्रुप-सी के अन्य प्रश्नों में प्राइम और अपरिमेय संख्या, त्रिज्यखंड और वृत्तखंड (3 अंक), प्रतीकता, और द्विघात समीकरण से भी प्रश्न पूछे जाते हैं. इसके अलावा ग्रुप-बी में HCF और LCM जैसे आसान प्रश्न आते हैं, जिन्हें लगभग सभी छात्र हल कर लेते हैं. उन्होंने बताया कि सांख्यिकी से भी छोटे प्रश्न शामिल होते हैं.
ये ट्रिक है सबसे शानदार
शिक्षक अशोक चौधरी का कहना है कि यदि छात्र इन सीमित, लेकिन महत्वपूर्ण टॉपिक्स को पूरी तरह कंठस्थ कर लें, तो कोई भी विद्यार्थी 60 प्रतिशत से अधिक और मेहनत के साथ 75 प्रतिशत तक अंक प्राप्त कर सकता है. परीक्षा से पहले यह रणनीति छात्रों के लिए बेहद कारगर साबित हो सकती है.
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