कम समय में सही दिशा में मेहनत ही सफलता की कुंजी
समस्तीपुर जिले के आरती जगदीश महिला महाविद्यालय शाहपुर पटोरी के प्रभारी प्रधानाचार्य डॉक्टर मनोज गुप्ता का कहना है कि कम समय में घबराने की बजाय छात्रों को अपनी तैयारी को सही दिशा में ले जाना चाहिए. उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो छात्र ईमानदारी से मेहनत करेगा, उसके अच्छे अंक आना तय है. उन्होंने बताया कि इंटरमीडिएट परीक्षा के पहले दिन ही बायोलॉजी की परीक्षा है, इसलिए छात्रों को इस विषय की तैयारी को प्राथमिकता देनी चाहिए. डॉक्टर गुप्ता के अनुसार, इस समय छात्रों को पूरे सिलेबस को दोबारा पढ़ने की बजाय ज्यादा से ज्यादा रिवीजन पर ध्यान देना चाहिए. जिन प्रश्नों में डायग्राम आते हैं, उन पर विशेष फोकस करना जरूरी है. साथ ही, पढ़ते समय महत्वपूर्ण लाइनों और की-वर्ड्स को अंडरलाइन करना चाहिए, जिससे उत्तर लिखते समय सही बिंदु याद रहें.
बायोलॉजी की पहली यूनिट पर विशेष फोकस जरूरी
डॉ. मनोज गुप्ता ने बताया कि बायोलॉजी की पहली और सबसे महत्वपूर्ण यूनिट रिप्रोडक्शन है, जिससे हर साल बड़ी संख्या में प्रश्न पूछे जाते हैं. इसमें प्लांट और ह्यूमन रिप्रोडक्शन दोनों को अच्छी तरह समझना जरूरी है. प्लांट रिप्रोडक्शन में फ्लावर की संरचना, परागण और निषेचन से जुड़े विषयों का गहन अध्ययन करना चाहिए. वहीं ह्यूमन रिप्रोडक्शन में मेल और फीमेल रिप्रोडक्टिव सिस्टम, टेस्टिस की संरचना, स्पर्म की संरचना, ओवरी की संरचना, ओवेरियन साइकिल और कॉर्पस ल्यूटियम जैसे टॉपिक्स पर खास ध्यान देना चाहिए. उन्होंने कहा कि ये ऐसे टॉपिक हैं, जिनसे बार-बार प्रश्न पूछे जाते हैं और इन्हें अच्छे से तैयार कर लेने पर छात्रों के अंक अपने आप बढ़ जाते हैं.
जेनेटिक्स से बायोटेक्नोलॉजी तक कैसे करें स्मार्ट स्टडी
दूसरी यूनिट जेनेटिक्स और इवोल्यूशन को लेकर प्रोफेसर ने बताया कि इसमें लॉन्ग क्वेश्चन कम लेकिन शॉर्ट आंसर और ऑब्जेक्टिव प्रश्न ज्यादा पूछे जाते हैं. इसलिए छात्रों को छोटे-छोटे बिंदुओं को अच्छे से याद करना चाहिए. इवोल्यूशन में डायग्राम नहीं होते, लेकिन कॉन्सेप्ट और टर्म्स की स्पष्ट समझ जरूरी है. तीसरी यूनिट ह्यूमन वेलफेयर में विभिन्न रोगों, उनके कारण, लक्षण और नियंत्रण पर फोकस करना चाहिए. प्लांट और एनिमल ब्रीडिंग के प्रकार, एमस्कुलेशन, हाइब्रिड वैरायटी जैसे विषय भी महत्वपूर्ण हैं. चौथी यूनिट बायोटेक्नोलॉजी भले ही छोटी लगे, लेकिन 12वीं के छात्रों के लिए यह नया विषय होता है, इसलिए इससे शॉर्ट और ऑब्जेक्टिव प्रश्न ज्यादा पूछे जाते हैं.
परीक्षा हॉल में अपनाएं ये रणनीति, अंक अपने आप बढ़ेंगे
अंत में डॉ. मनोज गुप्ता ने परीक्षा हॉल की रणनीति पर भी खास सलाह दी. उन्होंने कहा कि छात्रों को सबसे पहले वही प्रश्न हल करने चाहिए, जिनका उत्तर उन्हें अच्छे से आता हो. इससे आत्मविश्वास बढ़ता है और समय का सही उपयोग होता है. उन्होंने यह भी बताया कि कई छात्र 35 अंक के प्रश्न में अगर 30 अंक का ही उत्तर जानते हैं, तो बाकी छोड़ देते हैं, जो बिल्कुल गलत है. क्योंकि इंटरमीडिएट परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग नहीं होती, इसलिए छात्रों को सभी प्रश्नों का उत्तर जरूर लिखना चाहिए. संभव है कि अनुमान से लिखा गया उत्तर भी सही हो जाए और अतिरिक्त अंक मिल जाएं. प्रोफेसर का मानना है कि अगर छात्र इन 25 दिनों में सही प्लानिंग, लगातार रिवीजन और आत्मविश्वास के साथ पढ़ाई करें, तो इंटरमीडिएट परीक्षा में 100 प्रतिशत अंक लाना बिल्कुल संभव है.
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