प्रवर्तन निदेशालय (ED) इंदौर की सब जोनल यूनिट इकाई ने लंदन (यूनाइटेड किंगडम) में स्थित ₹150 करोड़ की अचल संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है।
यह संपत्ति बकिंघम पैलेस के नजदीक एक प्राइम लोकेशन में स्थित बताई गई है। मेसर्स एस. कुमार्स नेशनवाइड लिमिटेड के पूर्व चेयरमैन पर भारत का पैसा विदेशों में निवेश कर वहां प्रॉपर्टी खरीदने का आरोप है। जिसकी जांच चल रही है। 1400 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में FIR भी दर्ज है।
23 दिसंबर को ईडी ने की थी सर्चिंग ईडी के अनुसार यह संपत्ति नितिन शंभू कुमार कासलीवाल और उनके परिवार के स्वामित्व में थी। नितिन कासलीवाल मेसर्स एस. कुमार्स नेशनवाइड लिमिटेड के पूर्व चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर रह चुके हैं।
उन पर भारतीय बैंकों के एक कंसोर्टियम के साथ करीब ₹1400 करोड़ की धोखाधड़ी करने का आरोप है, जिसे लेकर कई एफआईआर दर्ज हैं। जांच के दौरान ईडी ने 23 दिसंबर 2025 को पीएमएलए 2002 की धारा 17 के अंतर्गत सर्चिंग की थी। इस छापेमारी के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए।
स्विटजरलैंड, जर्सी, बीवीआई में ट्रस्ट और कम्पनियां खड़ी कीं ईडी की जांच में खुलासा हुआ कि नितिन कासलीवाल ने ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स (BVI), जर्सी और स्विट्जरलैंड जैसे टैक्स हेवन देशों में ट्रस्ट और कंपनियों का एक नेटवर्क खड़ा किया था।
जांच में यह भी सामने आया कि उन्होंने ‘कैथरीन ट्रस्ट’ (पूर्व में सूर्य ट्रस्ट) की स्थापना की थी, जिसमें वे और उनके परिवार के सदस्य मुख्य लाभार्थी थे। यह ट्रस्ट जर्सी और ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स स्थित कंपनी मेसर्स कैथरीन प्रॉपर्टी होल्डिंग लिमिटेड (सीपीएचएल) को कंट्रोल करता था, जिसके माध्यम से लंदन स्थित इस महंगी संपत्ति का स्वामित्व रखा गया था।
भारत का पैसा विदेश में प्रॉपर्टी खरीदने में लगाया ईडी का आरोप है कि नितिन कासलीवाल ने बैंक धोखाधड़ी से प्राप्त धन को विदेशी निवेश के रूप में भारत से बाहर भेजा और फिर विदेशों में अचल संपत्तियां खरीदीं, जिन्हें निजी ट्रस्टों और विदेशी कंपनियों के फ्रेम के जरिए छिपाया गया। अभी इस मामले में और खुलासे होने हैं, जिसकी जांच जारी है।
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