मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मोतिहारी की धनौती नदी पर पटना की तर्ज पर मरीन ड्राइव बनाने की स्वीकृति दी है. इस परियोजना से 5-6 प्रखंडों को जाम से मुक्ति मिलेगी. जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए 63 अतिक्रमणकारियों को नोटिस भेजा है और अवैध जमाबंदी रद्द कर बुलडोजर कार्रवाई की तैयारी की है.
मरीन ड्राइव की AI से तैयार फोटो
अतिक्रमण पर प्रहार और जमाबंदी रद्द
परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है. पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी (डीएम) सौरभ जोरवाल के अनुसार, धनौती नदी की जमीन को अवैध रूप से कब्जा करने वाले 63 लोगों को नोटिस जारी किया गया है. प्रशासन ने उन लोगों की जमाबंदी भी रद्द कर दी है जिन्होंने गैरकानूनी ढंग से नदी की जमीन की रजिस्ट्री करवाई थी. डीएम ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अतिक्रमण वाली जगहों को जल्द ही बुलडोजर चलाकर खाली कराया जाएगा, ताकि निर्माण कार्य में कोई बाधा न आए.
परियोजना के लाभ और प्रभाव
धनौती नदी पर मरीन ड्राइव बनने से मोतिहारी शहर की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी:
सौंदर्यीकरण: नदी को अतिक्रमण मुक्त कर उसे सुंदर और आकर्षक बनाया जाएगा, जिससे यह एक पर्यटन केंद्र के रूप में उभरेगा.
जाम से मुक्ति: मरीन ड्राइव के रूप में शहर को एक वैकल्पिक सड़क मार्ग मिलेगा। इससे मोतिहारी शहर में घंटों लगने वाले भीषण जाम की समस्या का स्थायी समाधान होगा.
प्रखंडों को फायदा: इस मार्ग के बनने से करीब 5 से 6 प्रखंडों के लोगों को जिला मुख्यालय आने-जाने में सीधा लाभ मिलेगा और समय की बचत होगी.
यह परियोजना चंपारण के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है. मुख्यमंत्री की इस पहल से स्थानीय निवासियों में खुशी की लहर है, क्योंकि इससे व्यापार और पर्यटन दोनों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
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मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं.
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