कुक्कुट की एक ऐसी प्रजाति की जानकारी दे रहे हैं, जिसे बैकयार्ड पोल्ट्री फार्मिंग का किंग कहा जाता है. आप इसे 100 वर्ग मीटर के क्षेत्र में पाल सकते हैं.एक मुर्गी से सालाना 100 से 150 अंडे ले सकते हैं.
20 मुर्गियों से शुरू करें बैकयार्ड पोल्ट्री फार्मिंग
कृषि विज्ञान केंद्र नरकटियागंज में कार्यरत पशु वैज्ञानिक डॉ.भूषण बताते हैं कि वनराजा को बैकयार्ड पोल्ट्री फार्मिंग के लिए सबसे बेस्ट माना जाता है. कुक्कुट की नस्ल बीमारियों से बचने और किसी भी मौसम में बिना किसी परेशानी के सर्वाइव करने के लिए विकसित किया गया है.गांव हो या शहर सिर्फ 100 वर्ग मीटर के क्षेत्र में आप इनका पालन कर सकते हैं.मजे की बात यह है कि इसकी शुरूआत सिर्फ 20 मुर्गियों और दो मुर्गों से की जा सकती है.
शुरू कर सकते हैं अंडे या चूज़े का व्यापार
बकौल डॉ.भूषण, यदि आप सिर्फ मुर्गियों को पालते हैं तो उनसे निकलने वाले अंडों से चूज़े नहीं निकलेंगे.ऐसे में आप उन्हें निजी उपयोग या व्यापार के पर्पस से उपयोग में ला सकते हैं.वहीं, यदि आप 20 मुर्गियों के साथ सिर्फ दो मुर्गों को पाल लेते हैं, तो मुर्गियों से निकलने वाले अंडों से चूज़े निकलेंगे, जिसे आप गांव में अच्छी कीमत पर बेच सकते हैं.
न बीमारी न आहार का खर्च, 30 दिन में एक किलो तक वजन
अन्य कुक्कुटों की तुलना में वनराजा सिर्फ 30 दिनों में ही आधे किलो से 7.50 ग्राम तक वजनी हो जाते हैं.इनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता कूट कूट कर भरी होती है, जिसकी वजह से न तो ये बीमार पड़ते हैं और न ही इन्हें किसी माहौल में सर्वाइव करने में परेशानी होती है.बड़ी बात तो यह है कि इन्हें पालने के लिए दाना खरीदने की जरूरत नहीं होती है.खुले में घूमकर ये अपना आहार खुद ही ढूंढ लेती हैं.इसके साथ ही इन्हें किचन का बचा हुआ अनाज भी दिया जा सकता है.सब्ज़ियों के छिलके, बचा हुआ आटा, चोकर, बासी रोटी, बचा हुआ भात इत्यादि खाना इन्हें बहुत पसंद होता है.
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