धूल की वजह से सांस की बीमारी का खतरा रहता है। अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, एलर्जी और खांसी होने लगती है। आंखों में जलन, लालिमा और कंजंक्टिवाइटिस हो जाती है। त्वचा में खुजली, रैशेज और एक्जिमा का खतरा भी बढ़ जाता है। पीएम 2.5 बढ़ने से दिल की बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। इससे बच्चे और बुजुर्ग सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। जहां तक हो धूल भरे रास्ते से जाने से बचें। ट्रिपल लेयर मास्क व सनग्लास का इस्तेमाल करें। रांची| ये है नामकुम-अनगड़ा फोर लेन। दुर्गा सोरेन चौक से अनगड़ा चौक तक करीब 18 किमी लंबी इस सड़क का निर्माण पिछले तीन साल से चल रहा है। लेकिन करीब 200 करोड़ से बन रही इस सड़क का निर्माण अब भी अधूरा है। टाटीसिल्वे, नामकुम में कहीं सड़क नहीं बनी है, तो कहीं नाली का काम अधूरा है। कहीं पुलिया अधूरी पड़ी है तो कहीं डिवाइडर। नामकुम-टाटीसिल्वे के बीच सबसे खराब स्थिति है। क्योंकि, यहां सिर्फ मिट्टी की सोलिंग की गई है। ठेकेदार द्वारा सड़क पर पानी का छिड़काव नहीं किया जा रहा है। इस वजह से पूरे दिन इस रूट में धूल का गुबार दिख रहा है। कहीं भी लाइट नहीं है। ऐसे में शाम ढलने के बाद अक्सर दुर्घटना होती है। स्थानीय निवासी राजू सिंह ने बताया कि रोजाना कोई न कोई बाइक- स्कूटी सवार गिरकर घायल होता है। वहीं, किराना दुकान संचालक संजीव कुमार ने बताया कि धूल की वजह से मेरी मां को सांस की समस्या हो गई। नामकुम- अनगड़ा रोड का निर्माण एक साल देरी से चल रहा है। मार्च 2025 में इसका निर्माण पूरा होना था। दो बार एक्सटेंशन दिया गया। 31 जनवरी 2026 तक काम पूरा करना था, लेकिन काम पूरा नहीं होगा। पथ निर्माण सचिव सुनील कुमार ने बताया कि सड़क का निर्माण जल्द पूरा करने का निर्देश दिया गया है।- शुभम शेखर, मेडिकल ऑफिसर, सदर
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