डूंगरपुर में मंगलवार से निजी ट्रैवल्स बसों और जीपों का संचालन बंद हो गया है। मुंबई, अहमदाबाद, सूरत, इंदौर, जयपुर और जोधपुर जैसे प्रमुख शहरों के लिए चलने वाली निजी बसें ठप हो गई हैं। इसके साथ ही स्थानीय रूटों पर चलने वाली बसें और जीपें भी रुक गई हैं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस हड़ताल के कारण डूंगरपुर जिले में प्रतिदिन करीब 50 लाख रुपए का कारोबार प्रभावित हुआ है। निजी ट्रैवल्स संचालकों ने परिवहन विभाग पर बेवजह परेशान करने और डूंगरपुर में फिटनेस सेंटर नहीं होने के विरोध में यह हड़ताल शुरू की है। निजी ट्रैवल्स एसोसिएशन के वल्लभराम पाटीदार ने बताया कि परिवहन विभाग की ओर से निजी ट्रैवल्स संचालकों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। पाटीदार ने बताया कि डूंगरपुर जिले में वाहनों के फिटनेस के लिए कोई केंद्र नहीं है। डूंगरपुर के वाहनों को फिटनेस जांच के लिए उदयपुर या बांसवाड़ा जाना पड़ता है, जो लगभग 100 किलोमीटर दूर है। इस तरह आने-जाने में 200 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करनी पड़ती है। छोटे वाणिज्यिक वाहनों को भी दूसरे जिले में जाने के लिए टोल टैक्स के लिए फास्टैग लगाना पड़ता है, जिससे लगभग 5 हजार रुपए या उससे अधिक का अतिरिक्त खर्च आता है। वाहन मालिकों की मांग है कि जब तक डूंगरपुर में फिटनेस सेंटर नहीं खुल जाता, तब तक परिवहन विभाग द्वारा पहले की तरह ही फिटनेस सर्टिफिकेट जारी किए जाएं, ताकि उन्हें राहत मिल सके। प्रदेशव्यापी निजी ट्रैवल्स हड़ताल के समर्थन में डूंगरपुर जिले में भी 700 से अधिक वाहनों का संचालन ठप हो गया है। इस हड़ताल से अहमदाबाद, मुंबई, सूरत, इंदौर, जयपुर और जोधपुर सहित कई रूटों पर चलने वाली सभी स्लीपर और नॉन-स्लीपर बसों का संचालन रोक दिया गया है। जो वाहन अभी रूट पर हैं, उन्हें वापस आने के बाद दोबारा सड़कों पर नहीं उतारा जाएगा। निजी बसों का संचालन बंद होने से काम के लिए आने-जाने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं, और जिलेभर में लगभग 50 लाख रुपए का दैनिक कारोबार प्रभावित हो रहा है।
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