जिले में छत्तीसगढ़ की सीमा को पार करते हुए छह दिनों से तीन हाथी जिले की सीमा में विचरण कर रहे हैं। लगातार यह क्षेत्र हाथियों का विचरण क्षेत्र बना हुआ है, जहां रह-रह कर हाथी पहुंचते रहते हैं। रात्रि के समय हाथी लगातार विचरण कर ग्रामीणों के घरों-फसलों को भी नुकसान पहुंचाते हैं। पूर्व में भी कई ग्रामीणों की हाथी के हमले से मौत हो चुकी है। इससे डरे-सहमे ग्रामीण अब हाथियों से अपनी जान बचाने के लिए पेड़ पर आशियाना बना रखा है। दिन भर तो यह अपने घर में रहते हैं, लेकिन रात होते ही पेड़ में बनाए गए आश्रय स्थल पर हाथियों की निगरानी करते हुए अपनी जीवन रक्षा भी कर रहे हैं।
</p><div>
<br/>
<!-- removed read more from here -->
<!-- removed read more from here -->
<!-- removed read more from here -->
<br/>
<!-- removed read more from here -->
<!-- removed read more from here -->
<!-- removed read more from here -->
<strong>कई ग्रामीणों के घरों और फसलों को पहुंचाया नुकसान</strong>
<!-- removed read more from here -->
<br/>
<!-- removed read more from here -->
<!-- removed read more from here -->
<!-- removed read more from here -->
तीन हाथियों का समूह 23 दिसंबर की रात छत्तीसगढ़ के मरवाही को पार कर अनूपपुर जिले के जैतहरी के चोलना एवं धनगवां वन बीट से लगे जंगलों में है। रात होते ही जंगल से लगे ग्राम पंचायत क्योटार के ग्राम कुसुमहाई के पालाडोंल, झंडीटोला, ग्राम पंचायत पड़रिया के चोई गांव अंतर्गत भलुवानटोला, ग्राम पंचायत कुकुरगोड़ा के बेल्हाटोला,कोषमटोला, सरईया टोला में पहुंचकर अब तक छ:ग्रामीणों के कच्चे मकानों को तोड़फोड़ करते हुए क्षतिग्रस्त कर दिया है। इसमें झण्डीटोला निवासी बाल सिंह पिता कुन्नालाल सिंह, चोई के खेरवाटोला निवासी अमृतिया पति कुंदन राठौर, पालाडोंल के चौरसिया बाई पति देवशाय बैगा, घनश्याम सिंह पिता चुन्नीलाल, कुकुरगोड़ा के झुमुकलाल, बल्कू कोल के घरों को तोड़कर नुकसान पहुंचाया है। साथ ही चोई के गोढाटोला निवासी तुला राठौर, कुकुरगोंड़ा के छोट्टन सिंह, शिवलाल, सुरेश के साथ अन्य ग्रामीणों के खेतों एवं खलिहानों में रखी विभिन्न प्रकार की फसलों को अपना आहार बनाया है।
<!-- removed read more from here -->
<br/>
<!-- removed read more from here -->
<!-- removed read more from here -->
<!-- removed read more from here -->
<br/>
<!-- removed read more from here -->
<!-- removed read more from here -->
<!-- removed read more from here -->
ये भी पढ़ें- <a href="https://www.amarujala.com/madhya-pradesh/morena/8-year-old-rishabh-tomar-dies-after-a-child-fires-a-rifle-while-playing-morena-news-c-1-1-noi1227-3781737-2025-12-28" title="MP News: पिता की राइफल से 14 साल के बेटे ने चला दी गोली, किराएदार के बच्चे को लगने से मौत, मुरैना में हादसा">पिता की राइफल से 14 साल के बेटे ने चला दी गोली, किराएदार के बच्चे को लगने से मौत, मुरैना में हादसा</a>
<!-- removed read more from here -->
<br/>
<!-- removed read more from here -->
<!-- removed read more from here -->
<!-- removed read more from here -->
<br/>
<!-- removed read more from here -->
<!-- removed read more from here -->
<!-- removed read more from here -->
<strong>घर के जरूरी सामान और बिस्तर पेड़ पर रख करते हैं हाथी की निगरानी</strong>
<!-- removed read more from here -->
<br/>
<!-- removed read more from here -->
<!-- removed read more from here -->
<!-- removed read more from here -->
पिछले कई वर्षों से निरंतर हाथियों के विचरण से परेशान कुसुमहाई गांव के पालाडोंल निवासी दऊवा उर्फ धनेश्वर बैगा एवं घनश्याम सिंह ने अपने घर के पास स्थित पेड़ में घर के सामग्रियों को बोरी में रखकर पेड़ों में टांगकर तथा पेड़ों में खाट चढ़ा कर यहीं पर रहकर हाथियों की निगरानी करने के साथ ही अपने जीवन की रक्षा कर रहे हैं। उनके परिवार के महिलाओं सहित अन्य सदस्य देर शाम होते ही कुसुमहाई गांव के बीच बस्ती में जाकर पक्के मकानों में रात गुजारते हैं। हाथियों के निरंतर विचरण पर वन विभाग ने दो अलग-अलग तरह से गश्ती दल बनाकर ग्रामीणों की मदद से हाथियों के विचरण पर नजर रख रहे हैं।
<!-- removed read more from here -->
<!-- removed read more from here -->
<!-- removed read more from here -->
<!-- removed read more from here -->
<p class="image"><img alt="रात्रि के समय पेड़ में चढ़कर आराम करता हुआ ग्रामीण और विचरण करते हाथी" class="img-responsive center-block" src="https://spiderimg.amarujala.com/assets/images/4cplus/2025/12/28/ratara-ka-samaya-paugdha-ma-caugdhhakara-aarama-karata-haaa-garamanae-oura-vacaranae-karata-hatha_d1837dfde4da827aca6756ff5d60d960.jpeg" title="रात्रि के समय पेड़ में चढ़कर आराम करता हुआ ग्रामीण और विचरण करते हाथी"/>
<!-- removed read more from here -->
<!-- removed read more from here -->
<!-- removed read more from here -->
<!-- removed read more from here -->
<p class="caption">लोग दहशत में हैं। </p>
<!-- removed read more from here -->
<!-- removed read more from here -->
<!-- removed read more from here -->
<!-- removed read more from here -->
<p class="mt-10"> </p>
<!-- removed read more from here -->
<!-- removed read more from here -->
<!-- removed read more from here -->
<!-- removed read more from here -->
<p class="image"><img alt="रात्रि के समय पेड़ में चढ़कर आराम करता हुआ ग्रामीण और विचरण करते हाथी" class="img-responsive center-block" src="https://spiderimg.amarujala.com/assets/images/4cplus/2025/12/28/ratara-ka-samaya-paugdha-ma-caugdhhakara-aarama-karata-haaa-garamanae-oura-vacaranae-karata-hatha_7d63070a6640c8dbf285d01582b81e4c.jpeg" title="रात्रि के समय पेड़ में चढ़कर आराम करता हुआ ग्रामीण और विचरण करते हाथी"/></p>
<!-- removed read more from here -->
<!-- removed read more from here -->
<!-- removed read more from here -->
<!-- removed read more from here -->
<p class="caption">हाथियों का झुंड खेतों को तबाह कर रहा है तो घरों को भी निशाना बना रहा है।</p>
</div>
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.