भागलपुर नयाबाजार स्थित महानगर जनता दल (यूनाइटेड) कार्यालय में नवगठित भागलपुर जिला वक़्फ़ कमिटी के गठन को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कमिटी में जदयू से जुड़े अल्पसंख्यक नेताओं को अपेक्षित प्रतिनिधित्व नहीं मिलने का मुद्दा सामने आया है।
प्रेस वार्ता कर जताया विरोध
वक़्फ़ कमिटी में राजद से जुड़े कार्यकर्ताओं को स्थान दिए जाने के आरोप को लेकर भागलपुर जिला जदयू अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ और जिले से प्रदेश कमिटी से जुड़े अल्पसंख्यक नेताओं ने संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता आयोजित की। नेताओं ने गठन की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय बताया।
निष्ठावान कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का आरोप
प्रेस वार्ता में नेताओं ने कहा कि वर्षों से अल्पसंख्यक समाज के बीच जदयू की नीतियों को पहुंचाने और संगठन को मजबूत करने वाले कार्यकर्ताओं को दरकिनार किया गया है। उनका कहना था कि वक़्फ़ जैसी संवेदनशील संस्था में नियुक्ति के दौरान पार्टी निष्ठा, सामाजिक सेवा और अनुभव को प्राथमिकता मिलनी चाहिए थी।
गठबंधन धर्म के नाम पर असहमति
जदयू अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि गठबंधन धर्म के नाम पर पार्टी के कार्यकर्ताओं के आत्मसम्मान से समझौता किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह के निर्णय संगठनात्मक मर्यादाओं और घोषित नीतियों के विपरीत हैं।
प्रेस वार्ता में मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं में इस मुद्दे को लेकर खासा आक्रोश देखा गया। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि यदि वक़्फ़ कमिटी के गठन पर पुनर्विचार नहीं किया गया, तो संगठन स्तर पर आगे की रणनीति बनाकर आंदोलन और प्रदर्शन किया जाएगा।
नेतृत्व से हस्तक्षेप की मांग
नेताओं ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध पार्टी नेतृत्व के खिलाफ नहीं, बल्कि निर्णय प्रक्रिया के खिलाफ है। उन्होंने प्रदेश नेतृत्व से हस्तक्षेप कर न्यायोचित समाधान निकालने की मांग की। प्रेस वार्ता के अंत में यह भी कहा गया कि अल्पसंख्यक कार्यकर्ताओं की उपेक्षा से पार्टी को जमीनी स्तर पर नुकसान हो सकता है।
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