Dholpur Women Self Employment Success Story: धौलपुर के सैंपऊ में पप्पी सक्सेना और उनके समूह ने राजीविका के सहयोग से सेनेटरी पैड, सिलाई और चप्पल निर्माण का केंद्र शुरू कर 50 महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया है. इनके द्वारा निर्मित एलोवेरा चिप वाले पैड संक्रमण मुक्त और किफायती होने के कारण पूरे राजस्थान में मांग में हैं.
इस बड़े मिशन को हकीकत में बदलने के लिए पप्पी, शारदा और मंधा ने राजीविका (राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद) से संपर्क किया. उनके जज्बे को देखते हुए उन्हें 10 दिन का विशेष तकनीकी प्रशिक्षण दिलाया गया. इस ट्रेनिंग में उन्हें न केवल पैड बनाना सिखाया गया, बल्कि स्वच्छता के मानकों और सुरक्षा के पैमानों की भी बारीक जानकारी दी गई. शुरुआत में आर्थिक तंगी और कच्चे माल की कमी के कारण कई बाधाएं आईं, लेकिन इन महिलाओं ने हिम्मत नहीं हारी. धीरे-धीरे इनके काम की गुणवत्ता लोगों की जुबां पर चढ़ने लगी और आज इनके घर से तैयार होने वाले सेनेटरी पैड की मांग धौलपुर जिले के अलावा राजस्थान के कई अन्य जिलों में भी तेजी से हो रही है.
एलोवेरा चिप तकनीक: स्वच्छता और सुरक्षा का संगम
इनके उद्योग की सबसे बड़ी खासियत इनके द्वारा बनाए जा रहे ‘एलोवेरा चिप’ वाले सेनेटरी पैड हैं. पप्पी सक्सेना बताती हैं कि ये पैड पूरी तरह से ‘प्योर कॉटन’ से तैयार किए जाते हैं, जिससे त्वचा को कोई नुकसान नहीं होता. इनमें एक विशेष एलोवेरा चिप लगाई जाती है, जो संक्रमण (Infection) के खतरे को पूरी तरह खत्म कर देती है. बाजार के पैड के मुकाबले ये करीब 12 घंटे तक सुरक्षित रहते हैं और महिलाओं को बेहद आरामदायक अनुभव देते हैं. वर्तमान में इस यूनिट में 25 महिलाएं मिलकर रोजाना लगभग 2 से ढाई हजार पैड तैयार कर रही हैं, जो इनकी बढ़ती लोकप्रियता का प्रमाण है.
बहुउद्देशीय स्वरोजगार और महिला सशक्तिकरण
पप्पी सक्सेना का यह केंद्र केवल पैड निर्माण तक ही सीमित नहीं रहा है. समूह की सहयोगी राजेश देवी के अनुसार, अब यहाँ स्वरोजगार के कई और आयाम जुड़ चुके हैं. यहाँ चप्पल निर्माण और दोना-पत्तल बनाने का काम भी बड़े स्तर पर किया जा रहा है, जिसमें करीब 30 महिलाएं कार्यरत हैं. इसके अलावा, सिलाई यूनिट में लोअर, पैंट-शर्ट और बड़े ऑर्डर पर स्कूल ड्रेस भी तैयार की जाती हैं. आज इस छोटे से घर से शुरू हुए प्रयास ने धौलपुर जिले की करीब 50 महिलाओं को उनके घर के पास ही सम्मानजनक रोजगार मुहैया कराया है. सबसे बड़ी बात यह है कि ये महिलाएं अब अपने परिवार के पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही हैं और उन्हें परिवार का भरपूर समर्थन भी मिल रहा है.
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Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a seasoned multimedia journalist and digital content specialist with 8 years of experience across digital media, social media management, video production, editing, content…और पढ़ें
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