Ground report : धौलपुर जिले का बीलपुर गांव आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझ रहा है. यहां सड़कें कीचड़ से भरी हैं, पीने के पानी की किल्लत बनी हुई है और बिजली भी तय समय से कम मिलती है. गांव का अस्पताल अधूरा पड़ा है, जबकि स्कूल में शौचालय की कमी से बच्चों और खासकर छात्राओं को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है.
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में नालियों की समुचित व्यवस्था नहीं है. बारिश का पानी और घरों से निकलने वाला गंदा पानी सड़क पर ही जमा हो जाता है. इससे पूरे गांव में गंदगी और बदबू का माहौल बना रहता है. बरसात के समय स्थिति और भी खराब हो जाती है और रास्ते पूरी तरह कीचड़ से भर जाते हैं. गांव में पीने के पानी की समस्या भी गंभीर बनी हुई है. केंद्र सरकार की जल जीवन मिशन के तहत गांव में पानी की टंकी तो बनाई गई थी, लेकिन कुछ दिन चलने के बाद अब यह बंद पड़ी है. कई जगह पाइपलाइन में लीकेज भी हो रहा है, जिससे पानी की सप्लाई सही तरीके से नहीं हो पा रही. ग्रामीणों को रोजमर्रा के कामों के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा.
30 साल से कीचड़ में फंसी बीलपुर की सड़क
गांव के बुजुर्गों का कहना है कि जलभराव और कीचड़ की समस्या पिछले 20 से 30 सालों से बनी हुई है, लेकिन आज तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो पाया है. ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन और पंचायत को इसकी शिकायत दी, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला. बीलपुर गांव की मुख्य सड़क पीडब्ल्यूडी रोड से जुड़ी हुई है, जो आसपास के दर्जनों गांवों को जोड़ती है. इस सड़क पर हर समय वाहनों का आवागमन बना रहता है.
स्कूल के बच्चों को रोज झेलनी पड़ती परेशानी
सड़क पर कीचड़ और पानी भरा होने से लोगों को काफी परेशानी होती है. खासकर स्कूल जाने वाले बच्चों को रोजाना मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. कई बार बच्चे फिसलकर गिर जाते हैं, जिससे हादसे का खतरा बना रहता है. ग्रामीणों ने बताया कि गांव में 12वीं तक का एक सरकारी विद्यालय है, लेकिन वहां टॉयलेट की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है. इससे छात्र-छात्राओं को काफी परेशानी होती है. खासकर छात्राओं को ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. किसानों ने बताया कि सिंचाई के लिए बिजली भी पर्याप्त नहीं मिलती.
बिजली-पानी और अस्पताल की कमी से परेशानी
सरकार के वादे के अनुसार छह घंटे बिजली मिलनी चाहिए, लेकिन कई बार केवल दो से तीन घंटे ही बिजली मिल पाती है. इससे खेती का काम प्रभावित हो रहा है और किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है इसके अलावा गांव में बना अस्पताल भी अधूरा पड़ा हुआ है, जिससे ग्रामीणों को इलाज के लिए दूर जाना पड़ता है. ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव की मुख्य सड़क को चौड़ा किया जाए, नालियों का निर्माण कराया जाए और पानी व बिजली की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए, ताकि गांव के लोगों को राहत मिल सके.
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A Delhi University graduate with a postgraduate Diploma in Journalism and Mass Communication, I work as a Content Editor with the Rajasthan team at News18 India Digital. I’m driven by the idea of turning raw in…और पढ़ें
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