हिमाचल प्रदेश में धर्मशाला कॉलेज की पूर्व छात्रा पल्लवी की मौत और रैगिंग मामले में अब विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने संज्ञान लिया है। UGC ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी के गठन के निर्देश दिए है।
यूजीसी ने दो टूक कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह जांचेगी कि कॉलेज में मौजूदा एंटी-रैगिंग और शिकायत निवारण सिस्टम को भी जांंचेगी।
वहीं छात्रा के परिजनों ने भूगोल के प्रोफेसर अशोक कुमार समेत चार छात्राओं पर FIR कराई है। इन पर रैगिंग व मानसिक प्रताड़ना के आरोप है। पुलिस अब जांच में जुट गई है। ।
छात्रा के घर पर देर शाम तक जांच करते हुए पुलिस।
डीएसपी निशा कुमारी के नेतृत्व में पुलिस टीम देर रात तक छात्रा के घर पर जांच करती रही। छात्रा का पोस्टमार्टम नहीं करवाया गया था और अंतिम संस्कार हो चुका है, इसलिए पुलिस के सामने सबूत जुटाना चुनौती है।
पुलिस अब इन अहम सुरागों पर निर्भर है:
डाइंग डिक्लेरेशन: पुलिस ने पल्लवी द्वारा उपचार के दौरान रिकॉर्ड करवाए गए वीडियो बयानों की क्लिप्स जब्त की हैं। माना जा रहा है कि मौत से पहले रिकॉर्ड किए गए ये बयान ही सबसे बड़ा सबूत होंगे।
मेडिकल हिस्ट्री: पुलिस ने अस्पतालों से एक्स-रे, सीटी स्कैन और ब्लड रिपोर्ट्स मांगी हैं ताकि यह साफ हो सके कि क्या डिप्रेशन के अलावा कोई और बीमारी मौत की वजह थी।
डिजिटल जांच: मृतका, आरोपी प्रोफेसर और छात्राओं के मोबाइल और कॉल डिटेल्स खंगाले जाएंगे।

मृतक छात्रा के माता-पिता।

मृतक छात्रा के घर शोक जताने पहुंचे लोग।
सिलसिलेवार रूप में जानें पूरा मामला…
- छात्रा के साथ रैगिंग का आरोपः मृतक धर्मशाला के डिग्री कॉलेज में द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। वो कॉलेज में रैगिंग और यौन उत्पीड़न की घटना के बाद से परेशान थी। गत 26 दिसंबर को उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। हालांकि, मरने से पहले उसने एक प्रोफेसर और 3 लड़कियों का नाम लेकर एक वीडियो भी बनाया।
- प्रोफेसर पर बैड टच का आरोपः वीडियो में छात्रा ने बताया कि कॉलेज की छात्राएं हर्षिता, आकृति और कोमोलिका ने उसके साथ रैगिंग के बाद मारपीट की और उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दीं। इसी के साथ छात्रा ने एक प्रोफेसर पर बैड टच करने का आरोप लगाए।
- कॉलेज से नाम काटाः मृतक छात्रा के भाई आर्यन ने बताया कि जुलाई में हुई परीक्षा में उनकी बहन एक नंबर से रह गई थी। इसके बाद वो कॉलेज नहीं गई। इसके बाद 21 अगस्त को उसका नाम कॉलेज से काट दिया गया। जब सितंबर में वो दोबारा एडमिशन लेने गई तो उसे री-वैल्यूएशन (पुनर्मूल्यांकन) फॉर्म भरने को कहा गया।
- डिप्रेशन में चली गई छात्राः फॉर्म भरने के बाद जब वो कॉलेज गई तो एक प्रोफेसर ने उसे क्लास में बैठने नहीं दिया और बदसलूकी भी की। भाई आर्यन ने बताया कि इसके बाद रैगिंग और यौन उत्पीड़न के चलते उसकी तबीयत और बिगड़ गई। इसी घटना के बाद से बहन पूरी तरह टूट गई और डिप्रेशन में चली गई थी। इसके बाद परिवार लगातार अस्पतालों के चक्कर काटता रहा।
- परिजनों ने CM हेल्पलाइन पर शिकायत कीः छात्रा की हालत बिगड़ने पर परिजनों ने CM हेल्पलाइन (1100) पर रैगिंग और प्रोफेसर के खिलाफ शिकायत की। इसके बाद जांच के लिए पुलिस तपोवन स्थित उसके घर पहुंची, जहां छात्रा ऑक्सीजन सपोर्ट पर मिली।
- दिसंबर में छात्रा की मौतः छात्रा की तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर परिजन उसे लुधियाना के डीएमसी में इलाज के लिए ले गए। 26 दिसंबर को उसकी हालत नाजुक होने के चलते मौत हो गई। अगले दिन परिजनों ने छात्रा का अंतिम संस्कार कर दिया।
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