Dhanbad News: ‘मेरी बेटी ने कोई गुनाह नहीं किया था. उसे बीच सड़क पर गालियां दी गईं, बाल पकड़कर घसीटा गया. हम मदद के लिए चिल्लाते रहे, लेकिन कोई नहीं आया. पुलिस भी नहीं आई.’ ये शब्द उस महिला के हैं, जिसकी नाबालिग बेटी ने सड़क पर मारपीट से आहत होकर जानलेवा कदम उठा लिया. महिला न्याय की गुहार लगा रही है.
धनबादः झारखंड के धनबाद से इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई. बीच सड़क पर एक दलित महिला और उसकी नाबालिग बेटी के साथ कुछ लोगों ने बेरहमी से मारपीट कर डाली. बच्ची को गालियां दीं, बाल पकड़कर घसीटा. महिला को भी पीटते रहे. वह आस-पास लोगों से गुहार लगाती रही, लेकिन किसी ने उसकी बात नहीं सुनी. यह सब नाबालिग बेटी सहन नहीं कर पाई और घर आकर जानलेवा कदम उठा लिया.
घटना रामकनाली ओपी क्षेत्र का है. जहां बीच सड़क पर एक दलित महिला और उसकी नाबालिग बेटी के साथ की गई बर्बरता आखिरकार एक मासूम की जान ले गई. इस घटना से आहत किशोरी ने घर पहुंचकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. अब बदहवास मां न्याय के लिए पुलिस के चक्कर काट रही है. मृतका की पहचान सलोनी कुमारी के रूप में हुई है. उसकी मां आरती देवी ने चार नामजद और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ रामकनाली ओपी में लिखित शिकायत देकर एफआईआर दर्ज कराई है. मां का आरोप है कि पुराना विवाद इस हिंसा की वजह बना. पहले से चली आ रही रंजिश के चलते आरोपियों ने 1 जनवरी को बीच सड़क पर आरती देवी और उनकी बेटी को घेर लिया.
बेटी को लेकर मायके जा रही थी महिला
आरती देवी अपनी बेटी के साथ मायके लोयाबाद जा रही थीं, तभी रामकनाली ओपी के सामने ही दोनों के साथ गाली-गलौज शुरू हो गई. देखते ही देखते मामला मारपीट में बदल गया. आरोप है कि सलोनी के बाल पकड़कर उसे सड़क पर घसीटा गया, मां-बेटी को सरेआम पीटा गया और अपमानित किया गया. राह चलते लोग तमाशबीन बने रहे, लेकिन कोई मदद को आगे नहीं आया. सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि घटना स्थल रामकनाली ओपी के ठीक सामने था, इसके बावजूद काफी देर तक पुलिस मौके पर नहीं पहुंची. मां-बेटी लगातार मदद की गुहार लगाती रहीं, लेकिन उनकी आवाज अनसुनी रह गई.
महिला ने बताई आपबीती
घटना से टूट चुकी सलोनी घर पहुंचते ही गुमसुम हो गई. मां को क्या पता था कि बेटी के मन में ऐसा तूफान चल रहा है. कुछ ही देर बाद सलोनी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. बेटी की मौत के बाद आरती देवी का रो-रोकर बुरा हाल है. आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे. आरती देवी कहती हैं, “मेरी बेटी ने कोई गुनाह नहीं किया था. उसे बीच सड़क पर गालियां दी गईं, बाल पकड़कर घसीटा गया. हम मदद के लिए चिल्लाते रहे, लेकिन कोई नहीं आया. पुलिस भी नहीं आई. मेरी बच्ची यह अपमान सह नहीं सकी.” फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
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माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी से स्नातकोत्तर किया. वर्तमान में न्यूज़18 हिंदी डिजिटल में कार्यरत. राजनीति, क्राइम से जुड़ी खबरें लिखने में रूचि.
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