कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर यह भ्रमण किया गया है और नगर निगम की टीम को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान क्षेत्र में एक खुली टोटी पाई गई, जिससे पानी में गंदगी मिल रही थी। इस पर निगम टीम को तत्काल टोटी लगाने के निर्देश दिए गए, ताकि दूषित पानी की समस्या पर रोक लगाई जा सके। रहवासियों ने बताया कि गणेश मंदिर जाने वाले मार्ग पर नाली है, जिसका गंदा पानी सड़कों पर बहता रहता है। अधिकांश नल कनेक्शन नाली के समीप होने के कारण गंदा पानी उसमें मिल जाता है।
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कलेक्टर ने बताया कि सभी टंकियों की साफ-सफाई एक दिन पहले से ही शुरू कर दी गई है। साथ ही सात दिनों के भीतर पानी की टेस्टिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जनता को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों को सभी वार्डों की पानी की टंकियों की गहन सफाई, क्लोरीनेशन और नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। जहां-जहां पानी की सप्लाई में गंदा पानी जा रहा है, उन प्वाइंट्स को बंद किया जाएगा। सीवरेज में लीकेज की जांच और कहीं भी पानी में गंदगी की मिक्सिंग पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि यदि कहीं पीने के पानी में गंदगी मिले तो तुरंत नगर निगम को सूचना दें।
सभापति रवि जैन ने बताया कि वार्ड क्रमांक 44 और 45 में नाली और पानी की लाइन साथ-साथ चल रही थी। कुछ स्थानों पर लीकेज भी पाए गए। निरीक्षण के दौरान गणेश मंदिर पहुंच मार्ग पर नाली का पानी ऊपर आता हुआ मिला। पानी के सैंपल भी लिए गए हैं। मुख्यमंत्री के आदेशानुसार सभी वार्डों में सतत निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण में यह भी सामने आया कि कई नल कनेक्शनों में टोटियां नहीं लगी थीं, जिन्हें दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
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