पुरोहित पंडित सुनील दुबे ने बताया कि पंचांग के अनुसार मकर संक्रांति पर स्नान का पुण्यकाल रात 9 बजकर 38 मिनट से गुरुवार दोपहर 1 बजे तक था। इसी शुभ मुहूर्त में स्नान, दान और पूजा करने को विशेष फलदायी माना जाता है। श्रद्धालु तय समय के अनुसार नर्मदा घाटों पर पहुंचे और धार्मिक विधियों का पालन किया।
सुरक्षा और व्यवस्थाओं के व्यापक इंतजाम
पर्व के मद्देनज़र जिला प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं के व्यापक इंतजाम किए थे। डिंडौरी जिला मुख्यालय सहित नर्मदा किनारे बसे गांवों और कस्बों में 14 और 15 जनवरी के लिए मजिस्ट्रियल ड्यूटी लगाई गई थी। घाटों पर पुलिस बल की तैनाती रही, जिससे किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो और श्रद्धालु सुरक्षित रूप से स्नान कर सकें।
अधिकारियों की तैनाती
कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी शहपुरा एसडीएम ऐश्वर्य वर्मा, डिंडौरी एसडीएम भारती मरावी और बजाग एसडीएम राम बाबू देवांगन को सौंपी थी। इसके साथ ही तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व अमला और कोटवारों को भी अपने-अपने क्षेत्रों के प्रमुख घाटों पर तैनात किया गया।
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स्वदेशी उत्पादों के स्टॉल से जुड़ी पहल
नर्मदा डैम घाट पर आजीविका मिशन विभाग की ओर से स्वदेशी उत्पादों का स्टॉल लगाया गया। स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय किया गया। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष चमरू सिंह नेताम, नरेंद्र राजपूत, कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया, पुलिस अधीक्षक वाहिनी सिंह और जिला पंचायत सीईओ दिव्यांशु चौधरी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने कहा कि स्टॉल लगाने का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों को उनके उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराना और ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में सहायता करना है।
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