बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी रविवार को गया जिले के परैया प्रखंड स्थित अमोखर गांव पहुंचे, जहां उन्होंने शहीद सूबेदार संतोष कुमार के स्मारक का अनावरण किया। इस दौरान उन्होंने विपक्ष और अपराधियों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि बिहार को सुधारना सरकार का एकमात्र लक्ष्य है और अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
गया जी के गुरूआ में मां भारती के सपूत शहीद सुबेदार संतोष कुमार जी की अमोखर स्थित प्रतिमा के अनावरण का सौभाग्य प्राप्त हुआ एवं देश भक्तों के सैलाब को संबोधित किया।
मातृभूमि की रक्षा हेतु उनका बलिदान प्रत्येक देशवासी के लिए प्रेरणास्पद है।
शहीद संतोष कुमार जी को विनम्र… pic.twitter.com/wf6WQRgVEE
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) February 15, 2026
डिप्टी सीएम ने शहीद को दी श्रद्धांजलि
जिले के शहीद सूबेदार संतोष कुमार की स्मृति में स्थापित स्मारक के अनावरण को लेकर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं एक सैनिक के पुत्र हैं। उनके पिता ने 1962, 1965 और 1971 के युद्ध में भाग लिया था। उस समय सैनिकों को वेतन के बदले जमीन दी जाती थी, क्योंकि सरकार के पास संसाधनों की कमी थी। आज हालात बदल चुके हैं और केंद्र सरकार शहीदों एवं उनके परिवारों के सम्मान और उनके सपनों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
‘पहले कार्रवाई के लिए सेना को करनी पड़ती थी प्रतिक्षा’
उन्होंने कहा कि पहले भारतीय सेना को कार्रवाई के लिए राजनीतिक आदेशों की प्रतीक्षा करनी पड़ती थी, लेकिन अब प्रधानमंत्री ने सेना को खुली छूट दे रखी है। यदि पाकिस्तान की ओर से कोई भी उकसाने वाली कार्रवाई होती है तो भारत की ओर से कड़ा जवाब दिया जाएगा।
किसी भी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा अपराधी
राज्य की कानून-व्यवस्था पर बोलते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार से अपराधियों का सफाया करना सरकार का संकल्प है। उन्होंने दावा किया कि अब तक 64-65 अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अपराधी चाहे किसी भी जाति या धर्म का हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
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27 साल पहले 6 हजार करोड़ था बजट
अपने राजनीतिक अनुभव का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वे पहले वित्त मंत्री रह चुके हैं और राज्य की आर्थिक स्थिति को करीब से देखा है। उन्होंने बताया कि 27 वर्ष पहले जब वे पहली बार सदन में पहुंचे थे, तब बिहार और झारखंड एक साथ थे और राज्य का बजट लगभग 6 हजार करोड़ रुपये था।
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