देवघर जिले के जसीडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत डिगरिया पहाड़ के 62 माइल के पास सड़क किनारे स्थित एक पुलिया के नीचे अधेड़ व्यक्ति का शव बरामद किया गया। सुबह-सुबह शव देख स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई और मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए। सूचना मिलने पर जसीडीह थाना की पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। मृतक की पहचान बिहार के जमुई जिले के लहुआ गांव निवासी लड्डू उर्फ हेमंत यादव (42 वर्ष) के रूप में की गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार किया और पोस्टमॉर्टम के लिए देवघर सदर अस्पताल भेज दिया। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने मौत के कारणों को संदिग्ध बताया है। पूजा का झांसा देकर घर से ले गए मृतक के पिता सुग्रीव यादव और अन्य परिजन घटनास्थल पर पहुंचे और शव की पहचान की। परिजनों ने पुलिस को बताया कि गांव के ही कुछ परिचित लोग लड्डू यादव के घर आए थे। उन्होंने देवघर स्थित श्मशान काली मंदिर में पूजा-अर्चना कराने की बात कही और उसे अपने साथ ले गए। परिजनों के अनुसार, शाम को मोबाइल पर संपर्क करने पर लड्डू ने बताया था कि वह जल्द ही घर लौट आएगा। इसके बाद देर रात तक वह वापस नहीं लौटा। रात में कई बार फोन करने पर पहले घंटी जाती रही, फिर अचानक मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। इसके बाद परिजनों ने आसपास और रिश्तेदारों के यहां उसकी खोजबीन की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी। परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप सुबह पुलिया के नीचे शव मिलने की सूचना के बाद परिजनों को अनहोनी की आशंका सच होती नजर आई। परिजनों ने आरोप लगाया कि साजिश के तहत लड्डू यादव की हत्या की गई और सबूत छिपाने के इरादे से शव को पुलिया के नीचे फेंक दिया गया। परिजनों का कहना है कि मृतक का मोबाइल फोन भी शव के पास नहीं मिला है, जिससे मामला और भी संदेहास्पद हो गया है। लड्डू यादव मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। वह अपने पीछे तीन पुत्रियां और दो पुत्रों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गया है। घटना की सूचना पर थाना प्रभारी एसआई सच्चिदानंद कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और हर पहलु से जांच शुरू की। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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