खेती पर निर्भर किसानों के लिए हरी मिर्च की खेती कम लागत में अच्छी कमाई का जरिया बन सकती है. बदलते समय में किसान पारंपरिक फसलों के साथ बागवानी फसलों की ओर रुख कर रहे हैं, जिनमें हरी मिर्च की मांग हर मौसम में बनी रहती है. कृषि विशेषज्ञ वकील यादव बताते हैं कि मिर्च रोजमर्रा के खाने का अहम हिस्सा है, इसलिए बाजार में इसकी बिक्री लगातार होती है. खुले खेत में हरी मिर्च की बुवाई के लिए सितंबर-अक्टूबर, जून-जुलाई और फरवरी-मार्च का समय उपयुक्त माना जाता है. वहीं ग्रीनहाउस या पॉलीहाउस की सुविधा होने पर सालभर खेती की जा सकती है.खुले खेत में खेती के लिए अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी जरूरी है, जिसका पीएच मान 6 से 7 के बीच हो. खेत की गहरी जुताई कर सड़ी हुई गोबर की खाद मिलाएं. इसके बाद क्यारियां बनाकर नर्सरी के पौधों को 30-40 सेंटीमीटर की दूरी पर लगाएं.
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