Delhi EV Policy: दिल्ली की नई ईवी नीति 2.0 का मसौदा तैयार, ईवी में रूपांतरण पर 50% तक सब्सिडी का प्रस्ताव
दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को तेजी से बढ़ावा देने के उद्देश्य से ईवी पॉलिसी 2.0 का मसौदा तैयार कर लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को मंत्रियों के समूह (GoM) की बैठक बुलाई है, जिसके बाद मसौदे को सार्वजनिक किया जाएगा। ताकि सभी हितधारकों से सुझाव लेकर नीति को अंतिम रूप दिया जा सके।
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Electric Car
– फोटो : Freepik
नई नीति की 3 बड़ी प्राथमिकताएं
EV पॉलिसी 2.0 में तीन प्रमुख क्षेत्रों पर सबसे अधिक ध्यान दिया गया है:
1. बैटरी रीसाइक्लिंग सिस्टम
लिथियम-आयन बैटरियों का सुरक्षित निपटान एक बड़ी चुनौती है। नई नीति में पहली बार उनके संग्रह, रीसाइक्लिंग और सुरक्षित निस्तारण के लिए एक संगठित तंत्र का प्रस्ताव दिया गया है। ताकि बढ़ते बैटरी कचरे का पर्यावरण अनुकूल समाधान सुनिश्चित हो सके।
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बीजली से चलने वाली गाड़ी
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2. चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर में बड़े पैमाने पर विस्तार
सरकार दिल्ली में इलेक्ट्रिक चार्जिंग नेटवर्क को तेजी से बढ़ाना चाहती है और वाहन मालिकों को ईवी अपनाने के लिए आकर्षक प्रोत्साहन देने पर विचार कर रही है।
3. ईवी में रूपांतरण पर 50% तक सब्सिडी का प्रस्ताव
मसौदा बताता है कि ईवी अपनाने की रफ्तार बढ़ाने के लिए वाहन के बाजार मूल्य के आधार पर 50 प्रतिशत तक सब्सिडी देने का प्रस्ताव है। यह प्रोत्साहन आंतरिक दहन इंजनों (ICE) को इलेक्ट्रिक में बदलने और नई ईवी खरीद पर शुल्क में छूट दोनों पर लागू होगा। हालांकि, इस संरचना पर अंतिम निर्णय कैबिनेट लेगी।
अधिकारियों का कहना है कि इस बार सब्सिडी नीति का मुख्य स्तंभ नहीं होगा। आंकड़ों से पता चलता है कि अब अधिकांश निजी और व्यावसायिक ईवी खरीदार बिना सब्सिडी के भी ईवी चुन रहे हैं। फिर भी, सब्सिडी नीति का हिस्सा बनी रहेगी।
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Electric Car Charging
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2030 तक 5,000 पब्लिक चार्जिंग स्टेशन का लक्ष्य
सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2030 तक 5,000 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएं। जिनमें प्रत्येक पर 4-5 चार्जिंग पॉइंट्स उपलब्ध हों।
ये स्टेशन स्थापित किए जाएंगे-
- मार्केट कॉम्प्लेक्सों में
- मल्टी-लेवल पार्किंग स्थलों पर
- रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों (RWA) के परिसरों में
- सरकारी भवनों और कार्यालयों में
- मुख्य सड़कों के किनारे
सरकार का मानना है कि तेज और सुलभ चार्जिंग नेटवर्क ईवी अपनाने का सबसे निर्णायक कारक है।
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Electric Car
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लास्ट-माइल कनेक्टिविटी के लिए नई ईवी वैन
दिल्ली ईवी पॉलिसी 2.0 में लास्ट-माइल ट्रांसपोर्ट को आधुनिक बनाने का भी प्रस्ताव है। सरकार 7 यात्रियों + चालक क्षमता वाली कम्पैक्ट ईवी वैन शुरू करने पर विचार कर रही है। जो निम्न क्षेत्रों में संचालित होंगी-
- तंग आवासीय कॉलोनियां
- भीड़भाड़ वाले बाजार क्षेत्र
- मेट्रो स्टेशनों के आसपास जहां बसें नहीं चल सकतीं
इसके अलावा, ई-रिक्शा के संचालन को बेहतर बनाने के लिए एक संगठित रूट-मैपिंग व्यवस्था का भी प्रस्ताव है।
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