कार्निवल के आयोजक राजेंद्र रावत ने बताया कि 29 दिसंबर तक मसूरी विंटर लाइन कार्निवल आयोजित किया जाएगा. इस दौरान उत्तराखंड की सांस्कृतिक झलक देखने को मिलेगी. कार्यक्रम पूरी तरह पहाड़ी थीम पर आधारित होगा, जिसमें पहाड़ी संगीत, स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियां और पारंपरिक व्यंजन शामिल होंगे. मसूरी म्यूजिक क्लब के संगीतकार, उभरते कलाकार और उत्तराखंड के प्रसिद्ध गीतकार व नर्तक इस कार्निवल में अपनी प्रस्तुतियां देंगे. आयोजन स्थल को लाइटिंग और फूलों से सजाया जा रहा है, ताकि पहाड़ों की रानी मसूरी की खूबसूरती और निखर सके.
पर्यटक ले सकेंगे उत्तराखंड के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद
उन्होंने आगे कहा कि क्रिसमस और नए साल के जश्न के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक मसूरी पहुंचते हैं. क्योंकि, दिसंबर के महीने में यहां की प्राकृतिक सुंदरता अपने चरम पर होती है. साफ आबोहवा, हरे-भरे जंगल और शांत वातावरण के बीच रात के समय दिखाई देने वाली विंटर लाइन पर्यटकों का मन मोह लेती है. इस आयोजन को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन, मसूरी नगर पालिका और पर्यटन विभाग संयुक्त रूप से तैयारियों में जुटे हैं. कार्निवल में गढ़वाल, कुमाऊंनी, भोटिया और जौनसारी संस्कृति के रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे. साथ ही उत्तराखंड के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद भी पर्यटक ले सकेंगे.
क्राउड मैनेजमेंट पर रहेगा विशेष ध्यान
मसूरी एसडीएम राहुल आनंद ने बताया कि मसूरी की प्राकृतिक सुंदरता, स्विट्जरलैंड जैसी विंटर लाइन, पारंपरिक संगीत और लोक नृत्य मिलकर पर्यटकों को एक खास अनुभव देंगे. पर्यटकों की सुविधा के लिए सैटेलाइट पार्किंग, शटल सेवा और गोल्फ कार्ट की व्यवस्था की जा रही है. क्रिसमस और नए साल के दौरान भीड़ को देखते हुए ट्रैफिक और क्राउड मैनेजमेंट पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
पर्यावरणविद् आशीष गर्ग ने बताया कि दुनिया के कुछ हिल स्टेशनों पर नवंबर से फरवरी के बीच सूर्यास्त के बाद पश्चिम दिशा में आसमान में लाल-नारंगी रंग की एक खूबसूरत रेखा दिखाई देती है, जिसे विंटर लाइन कहा जाता है. यह नजारा उत्तराखंड के मसूरी और नैनीताल के अलावा स्विट्जरलैंड, अफ्रीका और केपटाउन जैसे स्थानों पर भी देखा जा सकता है.
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.