दरअसल, सरकार ने राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ (श्रीकोट) का नाम बदल दिया है. नर्सिंग कॉलेज का नाम स्व. अंकिता भंडारी राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ (श्रीकोट) पौड़ी रख दिया है. वहीं, सीएम धामी के निर्देश के बाद सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा डॉ. आर. राजेश कुमार ने नर्सिंग कॉलेज का नाम परिवर्तन के शासनादेश जारी कर दिए.
क्या है मामला?
अंकिता भंडारी पौड़ी जिले की श्रीकोट डोभ गांव की रहने वाली थी. 19 साल की लड़की ने अपनी पढ़ाई छोड़कर मां-बाप का हाथ बंटाने की सोची. मगर, उसे क्या पता था कि उसका नौकरी करना ही उसकी जान जाने का कारण बन जाएगी. वह यमकेश्वर ब्लॉक के गंगा भोगपुर स्थित वनंत्रा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में नौकरी करने लगी. वहां से अचानक 18 सितंबर 2022 को लापता हो गई. मामला पहले राजस्व पुलिस के पास गया, फिर रेगुलर पुलिस को ट्रांसफर किया गया. वहीं, पुलिस ने जांच करते हुए रिसॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य उसके दोस्त अंकित गुप्ता और मैनेजर सौरभ भास्कर पर अंकिता के गायब होने पर शक जताया. पुलिस ने जब सख्ती से पूछताछ की तो उन्होंने अंकिता की हत्या की बात कबूल ली. उस समय आरोपियों ने बताया था कि उन्होंने 18 सितंबर की देर शाम अंकिता को चीला बैराज की नहर में धक्का दे दिया. इसके बाद 24 सितंबर 2022 को नहर से अंकिता का शव बरामद किया गया. अंकिता का शव मिलने और हत्या की बात सामने आने के बाद पूरे प्रदेश में बवाल हुआ. जगह-जगह प्रदर्शन हुए. वहीं, लगातार सुनवाई के बाद तीनों आरोपियों को कोर्ट ने दोषी माना और उम्र कैद की सजा सुना दी.
मगर, अब तीन साल बाद इस मामले में एक और नया मोड़ सामने आया. दरअसल, बीजेपी से निष्कासित पूर्व विधायक सुरेश राठौर की पत्नी का दावा करने वाली अभिनेत्री उर्मिला सनावर की ओर से अंकिता भंडारी को लेकर ऑडियो और वीडियो जारी किए जाने के बाद से ही प्रदेशभर में राजनीतिक घमासान मचा हुआ है. विपक्षी दलों के साथ ही तमाम सामाजिक संगठन प्रदेशभर में प्रदर्शन करते हुए सीबीआई जांच और वीआईपी के नाम का खुलासा करने की मांग कर रहे हैं. वहीं, तमाम विरोध प्रदर्शन को देखते हुए बीती 6 जनवरी को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया था. इस दौरान उन्होंने कहा था कि इस पूरे मामले पर अंकिता भंडारी के माता-पिता जिस भी जांच की बात कहेंगे, उसके कानूनी पहलुओं को देखते हुए कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा. इसके बाद 7 जनवरी को सीएम पुष्कर धामी ने अंकिता के माता-पिता से मुलाकात भी की. साथ ही भरोसा जताया कि वो जो मांग कर रहे हैं, उनकी मांग के आधार पर राज्य सरकार आगे की कार्रवाई करेगी.
सीएम से मिलने के बाद अंकिता की मां सोनी देवी अपने आंसू नहीं रोक पाईं. उन्होंने रोते हुए कहा, मैंने मुख्यमंत्री से यही कहा कि जिस वजह से मेरी बेटी की जान गई, उस आरोपी को हमारे सामने रख दो. मेरी बेटी का कसूर क्या था? हर मां–बाप अपने बच्चों को पढ़ाने-लिखाने के लिए बाहर भेजते हैं. इसका मतलब ये थोड़ी है कि कोई रसूखदार उनके साथ कुछ भी कर ले. मुझे पता है कि मेरी बेटी कभी लौटकर नहीं आएगी. मुझे बहुत दुख होता है, लेकिन फिर भी मैं अपनी बेटी के लिए आज तक लड़ रही हूं. आगे कहा कि परिवार ने जो कष्ट झेला है, वो शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता. हम अपने घर को संवार भी नहीं सकते, लेकिन हम उन बच्चियों के लिए खड़े हैं, जो नौकरी करने बाहर जाएंगी. उनकी सुरक्षा कैसी होगी यही हमारी चिंता है. उन्होंने यह भी कहा कि अगर हम आज खड़े नहीं हुए, तो कल किसी और की बेटी के साथ वही होगा, जो मेरी बेटी के साथ हुआ.
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