Dausa News: राजस्थान से 16,133 किलोमीटर दूर इक्वाडोर की राजधानी क्विटो में पहली बार होली का भव्य आयोजन हुआ. भारत के दूतावास द्वारा आयोजित इस ऐतिहासिक समारोह की प्रेरणा दौसा जिले की बहू धोली मीणा रहीं. राष्ट्रीय पुस्तकालय परिसर को भारतीय रंगों, फूलों, रंगोलियों और सजावट से सजाया गया. 200 से अधिक अतिथियों की मौजूदगी में गुलाल-अबीर, फाग गीत, भजन और राजस्थानी लोक नृत्य की धूम रही. आयोजन ने भारत और इक्वाडोर के बीच सांस्कृतिक रिश्तों को नई मजबूती दी.
कार्यक्रम का आयोजन क्विटो के प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्थल राष्ट्रीय पुस्तकालय (बिब्लियोटेका नासियोनल डेल इक्वाडोर यूजेनियो एस्पेजो) में किया गया. 16वीं शताब्दी के इस भव्य भवन को रंग-बिरंगे फूलों, गुब्बारों, आकर्षक रंगोलियों और पारंपरिक भारतीय सजावट से सुसज्जित किया गया. पूरे परिसर में भारतीय संस्कृति की झलक साफ नजर आई.
राजस्थानी लोक नृत्य ने सभी का मन मोह लिया
इस भव्य समारोह में 200 से अधिक गणमान्य अतिथियों ने भाग लिया. कार्यक्रम में जापान सहित कई देशों के राजदूत, डिप्लोमैटिक कोर के सदस्य, इक्वाडोर सरकार के अधिकारी, भारतीय समुदाय के प्रतिनिधि और भारत के मित्र इक्वाडोरवासी उपस्थित रहे. गुलाल-अबीर के साथ होली खेली गई. फाग गीत और भजन गूंजे. राजस्थानी लोक नृत्य ने सभी का मन मोह लिया. ढोल-नगाड़ों की थाप पर विदेशी मेहमान भी झूमते नजर आए. भारतीय व्यंजनों और पारंपरिक मिठाइयों की विशेष व्यवस्था ने समारोह को और भी यादगार बना दिया.
इक्वाडोरवासियों की भागीदारी ने आयोजन को बनाया ऐतिहासिक
भारतीय दूतावास के कार्यकारी राजदूत एवं राजस्थान के बेटे लोकेश कुमार मीणा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि क्विटो में भारतीय रेजिडेंट दूतावास की स्थापना के बाद से इक्वाडोर की जनता का अपार स्नेह और सहयोग मिल रहा है. उन्होंने कहा कि यह पहला होली उत्सव दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक सेतु का कार्य करेगा और आने वाले वर्षों में और भी मजबूत संबंधों की नींव रखेगा. धोली मीणा ने भावुक शब्दों में कहा कि दौसा से हजारों किलोमीटर दूर इस पावन भूमि पर होली का आयोजन करना गर्व और खुशी का क्षण है.
यह भारतीय संस्कृति की वैश्विक पहचान और उसकी गहरी जड़ों का प्रमाण है. उन्होंने कहा कि इक्वाडोरवासियों की उत्साही भागीदारी ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया. उपस्थित अतिथियों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे भारत और इक्वाडोर के बीच मित्रता, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और आपसी समझ को मजबूत करने वाला कदम बताया. दौसा की बहू की इस पहल ने न केवल राजस्थान, बल्कि पूरे भारत का मान विश्व पटल पर बढ़ाया है.
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दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से News18 हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें
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