राजस्थान से गुजर रहे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के एक हिस्से को खोदा जा सकता है। हाईकोर्ट के आदेश पर पुलिस और प्रशासन 6 साल पहले लापता हुए 6 वर्षीय टिल्लू उर्फ प्रिंस बैरवा के अवशेषों की तलाश में जुटे हैं।

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मामले की जांच में जुटे पुलिस अधिकारी
– फोटो : अमर उजाला
आरोपियों की निशानदेही पर दौसा जिले के बांदीकुई थाना क्षेत्र के उनबड़ा गांव के पास सर्च अभियान चलाया जा रहा है। बताया गया है कि जब शव को दफनाया गया था, उस समय यहां एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य चल रहा था और अब उस स्थान पर करीब 12 फीट ऊंचा एक्सप्रेस-वे बन चुका है।

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स्वीनडन से मशीन मंगाकर खोजे गए टिल्लू के शव के अवशेष
– फोटो : अमर उजाला
स्वीडन निर्मित जीपीआर मशीन से की गई स्कैनिंग
तलाश के लिए स्वीडन से मंगाई गई ग्राउंड पेनिट्रेटिंग रडार (GPR) मशीन से जमीन के भीतर स्कैनिंग की गई। यह मशीन विद्युत-चुंबकीय तरंगों के जरिए सतह से करीब 5 मीटर यानी लगभग 15 फीट नीचे तक दबे ऑब्जेक्ट की पहचान कर सकती है।

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दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर की जा रही खुदाई की तैयारी
– फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार को हुई स्कैनिंग में करीब 10 फीट के एरिया में दो ऐसे पॉइंट चिन्हित किए गए हैं, जहां कंकाल जैसे अवशेष होने की आशंका जताई गई है। हालांकि इन ऑब्जेक्ट्स की स्पष्ट पहचान मशीन की रिपोर्ट और डेटा एनालिसिस के बाद ही हो सकेगी। रिपोर्ट को इमेज में विकसित करने के लिए जयपुर भेजा जाएगा।

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दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर की जा रही खुदाई की तैयारी
– फोटो : अमर उजाला
खुदाई के लिए अनुमति प्रक्रिया शुरू
मशीन से मिले शुरुआती संकेतों के आधार पर पुलिस अब नेशनल हाईवे अथॉरिटी (NHAI) को पत्र लिखकर एक्सप्रेस-वे की खुदाई की अनुमति मांगने की प्रक्रिया शुरू कर रही है। यदि अनुमति मिलती है तो चिन्हित दो स्थानों पर करीब 15 फीट गहराई तक खुदाई कराई जा सकती है।
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