बलरामपुर। उत्तर प्रदेश की बेटियों के स्वास्थ्य और भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान 100 किशोरियों को टीका लगाया गया। राज्यपाल ने भरोसा दिलाया कि प्रदेश की दो लाख बेटियों को गर्भाशय एवं सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षा प्रदान करने का लक्ष्य तय किया गया है। इसे चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कैंसर जैसी गंभीर बीमारी पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस रोग की सबसे बड़ी चुनौती यही है कि शुरुआती चरण में इसके लक्षण स्पष्ट नहीं दिखते, और जब तक जानकारी होती है, तब तक अक्सर देर हो चुकी होती है। ऐसे में रोकथाम और समय पर जांच ही सबसे प्रभावी उपाय है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक करीब 50 हजार बेटियों को दो-दो डोज के माध्यम से टीकाकरण किया जा चुका है।
अब डेढ़ लाख अन्य बेटियों तक यह सुरक्षा कवच पहुंचाने की तैयारी है। कहा कि 9 से 14 आयु वर्ग की बेटियों को दो-दो डोज का टीका लगाने से उन्हें इस बीमारी से 95 फीसदी तक सुरक्षा मिलेगी। 26 वर्ष तक की आयु वालों को यह टीका लगाया जा सकता है। उन्होंने औद्योगिक संस्थानों को भी इसके लिए आगे की अपील किया। कहा कि पहली अप्रैल से नए वित्तीय वर्ष में बड़े स्तर पर टीकाकरण अभियान चलेगा।
राज्यपाल ने कोरोना काल की कठिन परिस्थितियों को याद कर लोगों को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि उस दौर में वैज्ञानिकों और स्वास्थ्यकर्मियों के प्रयासों से लाखों लोगों की जान बची। आज कैंसर से बचाव के लिए भी टीका उपलब्ध है, इसलिए जागरूकता, समय पर जांच और टीकाकरण को जीवन की प्राथमिकता बनाना होगा।
गांव-गांव कैंसर स्क्रीनिंग पर जोर
राज्यपाल ने अस्पतालों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में कैंसर स्क्रीनिंग शिविरों के नियमित आयोजन पर बल दिया। उन्होंने कहा कि 30 वर्ष से अधिक आयु की प्रत्येक महिला को हर वर्ष जांच करानी चाहिए। कई बार जानकारी और जागरूकता के अभाव में महिलाएं शिविरों में नहीं पहुंच पातीं, जिसका खामियाजा बाद में उठाना पड़ता है। पुलिस लाइन में भी स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने की बात कहते हुए उन्होंने पुलिस कर्मियों के समर्पण की सराहना की।
क्रॉस जेंडर समुदाय को मुख्यधारा से जोड़ने का आह्वान
राज्यपाल ने समाज के सभी वर्गों को समान अवसर देने पर जोर देते हुए क्रॉस जेंडर समुदाय के लिए विशेष कार्यक्रम संचालित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि लखनऊ और बस्ती में इस दिशा में बेहतर पहल हो रही है। अन्य जिलों को भी ऐसे मॉडल अपनाने चाहिए। जिलाधिकारी से अपेक्षा जताई कि एक समुचित प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को भेजा जाए। उन्होंने कहा कि इस समुदाय के प्रत्येक व्यक्ति को आयुष्मान कार्ड सहित सभी सरकारी योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए।
बाल विवाह पर सख्ती, बेटियों को मुखर बनने का संदेश
राज्यपाल ने बाल विवाह पर पूर्ण अंकुश लगाने के संकल्प को दोहराते हुए बेटियों को शिक्षा और आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सिद्धार्थनगर समेत कुछ जिलों में बेटियां स्वयं आगे आकर बाल विवाह रोकने का कार्य कर रही हैं। खूब पढ़ें, आगे बढ़ें और अपने भविष्य का निर्णय स्वयं करें, यह संदेश देते हुए उन्होंने परिवारों से भी बेटियों को प्रोत्साहित करने की अपील की। किसी प्रकार की समस्या होने पर प्रशासन से संवाद करने का सुझाव दिया।
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