विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के सुंदरपुर इलाके में 6 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या की दिल दहला देने वाली घटना हुई है। इस मामले में जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और गहरा दुख जताया। उन्होंने परिवार को हर संभव न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया।
जानें क्या कहा प्रशांत किशोर ने?
परिवार से मिलने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं और यहां अधिकारियों का जंगलराज चल रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले दो-तीन महीनों में लगातार बड़ी घटनाएं सामने आई हैं, चाहे वह पटना में नीट छात्रा की मौत का मामला हो या मधेपुरा, खगड़िया, पूर्णिया और दरभंगा में दुष्कर्म के बाद हत्या की घटनाएं। उन्होंने कहा कि अपराधी पकड़े जाएं, यह जरूरी है, लेकिन उससे भी बड़ी बात यह है कि अपराध के खिलाफ आवाज उठाने वालों पर ही कार्रवाई हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि हत्या के बाद जब लोग प्रशासन के खिलाफ सड़क पर उतरे और जाम लगाकर विरोध किया, तो पुलिस ने पहले उन्हीं लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
प्रशासन पर उठाए सवाल
प्रशांत किशोर ने कहा कि दरभंगा की इस घटना में भी छह लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया, लेकिन पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि अगर यह घटना हुई ही नहीं होती, तो पुलिस के साथ झड़प भी नहीं होती। उन्होंने सवाल उठाया कि इतने जघन्य अपराध के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की कोई जगह ही क्यों नहीं दिख रही है। इस हृदयविदारक घटना के बीच प्रशांत किशोर जब पीड़ित परिवार से मिले, तो उन्होंने बिहार की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बेटियों के लिए न्याय मांगने वालों पर ही पुलिस कार्रवाई कर रही है और उन्हें जेल भेजा जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि दरभंगा में जब लोगों ने शांतिपूर्ण तरीके से विरोध किया, तो पुलिस ने कार्रवाई करते हुए छह लोगों को जेल भेज दिया, जिससे पूरे मोहल्ले में डर का माहौल है। उन्होंने यह भी कहा कि लगातार छापेमारी से लोग और ज्यादा डरे हुए हैं। प्रशांत किशोर ने कहा कि एक तरफ इतनी दर्दनाक घटना हुई है और दूसरी तरफ पुलिस की कार्रवाई से आम लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। इससे प्रशासन का रवैया साफ दिखता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि जिन 30 से ज्यादा लोगों के फरार या डरे होने की बात कही जा रही है, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई न की जाए और असली दोषियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा दी जाए।
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.