छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा के लावा-पुरेंगल गांव में सालों तक नक्सलियों के प्रभाव की वजह से अधिकारी और जनप्रतिनिधि वहां जाने से कतराते रहे. अब कई सालों के बाद गांव तक प्रशासनिक अमला पहुंचा है. इसे अब विकास और विश्वास की नई शुरुआत मानी जा रही है.
चेतराम अटामी
लुंगी पहनकर गांव में पहुंचे विधायक चैतराम अटामी
करीब 10 किमी दुर्गम पहाड़ी रास्ता पैदल तय कर विधायक चैतराम अटामी और जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल लावा-पुरेंगल गांव पहुंचे और ग्रामीणों से मिले. उनका नक्सलियों के गढ़ रहे गांव में जाना अपने-आप में ऐतिहासिक रहा. विधायक चैतराम लुंगी पहनकर बहुत ही अपनत्व के भाव से ग्रामीणों से मिले और इस दौरान उनकी समस्याएं भी सुनते हुए नजर आए. समस्याएं सुनने के बाद उन्होंने अधिकारियों को तत्काल समाधान के निर्देश दिए.
विधायक ने गांव में कई कार्यक्रमों में लिया हिस्सा
गांव में कई प्रशासनिक कार्यक्रमों के दौरान विधायक चैतराम अटामी ने गांव में पीने की पानी की समस्या के लिए हैंडपंप स्थापना, सड़क और आंगनबाड़ी भवन निर्माण का भूमिपूजन किया. इसके अलावा जरूरतमंद परिवारों को कपड़े और बर्तन प्रदान किए गए. बच्चों को किताबें और शैक्षणिक सामग्री वितरित की गई. इससे स्थानीय लोगों में अपनेपन और भरोसे का माहौल बना. कार्यक्रमों के दौरान जिला प्रशासन और कई बड़े अधिकारी मौके पर मौजूद रहे.
पिछले कुछ सालों में छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों ने नक्सल विरोधी अभियान चलाया है और नक्सल गतिविधियों में भी कमी आई है. बड़ी संख्या में माओवादियों को मारा गया है और इसके अलावा सरकार द्वारा चलाए गए कई कार्यक्रमों की वजह से कई नक्सली मुख्यधारा में वापस लौटे हैं और उन्होंने हथियार के साथ समर्पण किया है. अब विधायक द्वारा पैदल यात्रा बदलाव का बड़ा संकेत है.
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