पूर्णिया पुलिस की साइबर सेल और जिला आसूचना इकाई ने संयुक्त अभियान चलाकर फर्जी तरीके से सिम कार्ड एक्टिवेट कर साइबर ठगी करने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने दो पीओएस (POS) एजेंटों को गिरफ्तार किया है, जो आपस में सगे भाई हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से ठगी में प्रयुक्त तकनीकी साक्ष्य भी बरामद किए हैं।
इस पूरे मामले का खुलासा उस समय हुआ जब स्थानीय न्यायालय में कार्यरत राहुल कुमार ने साइबर थाना पूर्णिया में प्राथमिकी दर्ज कराई। पीड़ित के अनुसार, एक अज्ञात मोबाइल धारक ने उन्हें झांसे में लेकर उनके बैंक खाते से 20 हजार रुपये की ठगी कर ली थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी के निर्देश पर साइबर डीएसपी चंदन कुमार ठाकुर के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी अनुसंधान शुरू किया, जिसमें ठगी में प्रयुक्त सिम कार्ड का संबंध अररिया से जुड़ा पाया गया।
जांच के क्रम में पुलिस जब अररिया निवासी सिम कार्ड धारक चंद्रपाल मुखिया के पास पहुंची, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। पूछताछ में सामने आया कि चंद्रपाल मुखिया स्वयं भी धोखाधड़ी का शिकार हुआ था। जांच में पता चला कि बनमनखी थाना क्षेत्र के रसाढ़ गांव निवासी दो भाइयों संतोष कुमार और रितेश कुमार ने सिम पोर्ट करने के बहाने चंद्रपाल को गुमराह किया और उसके दस्तावेजों का दुरुपयोग कर एक अतिरिक्त सिम कार्ड निकलवा लिया। इसी फर्जी सिम कार्ड का इस्तेमाल कर राहुल कुमार से साइबर ठगी की गई थी।
रसाढ़ गांव से दोनों भाई गिरफ्तार
पुलिस टीम ने शनिवार को रसाढ़ गांव में घेराबंदी कर दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे भोले-भाले लोगों के दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल कर फर्जी सिम कार्ड एक्टिवेट करते थे और उन्हें साइबर अपराधियों को बेच देते थे।
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अन्य आरोपियों की तलाश, बरामदगी के लिए छापेमारी जारी
इस संबंध में साइबर डीएसपी चंदन कुमार ठाकुर ने बताया कि दोनों आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की पहचान की जा रही है, जबकि ठगी गई राशि की बरामदगी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस ने फर्जी सिम विक्रेताओं पर कड़ी नजर रखी हुई है। इस सफल कार्रवाई में पुनि राजेश कुमार गुप्ता, रविशंकर कुमार, पुअनि मनीष चन्द्र यादव, ऋषि यादव और तकनीकी शाखा के सिपाही आनंद कुमार सिंह सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस का कहना है कि साइबर ठगी के खिलाफ अभियान आगे भी सख्ती से जारी रहेगा।
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