राजस्थान के झुंझुनू जिले में शुक्रवार सुबह गैंगवार हुई। घटना में सुनील सुंडा और सीकर के रानोली थाने के हिस्ट्रीशीटर कृष्णकांत की मौत हो गई। कृष्णकांत अपने तीन साथी बदमाशों के साथ हिस्ट्रीशीटर रविंद्र कटेवा पर फायरिंग करने के लिए आया था। लेकिन जैसे ही उन्होंने गोली चलाई तो कटेवा नीचे झुक गया जिसकी वजह से उसे गोली नहीं लगी।
दूसरी तरफ सुनील सुंडा ने बदमाशों को रोकना चाहा तो बदमाशों ने उस पर फायरिंग कर दी। इसके बाद पुलिस को बदमाश कृष्णकांत मृत अवस्था में एक खेत में मिला जिसके सिर में भी गोली लगी थी।
कृष्णकांत की मौत फायरिंग में हुई या उसने खुद ने सुसाइड किया इस बारे में अभी तक पता नहीं चल पाया। पुलिस मामले में कई बदमाशों को हिरासत में ले रही है। लेकिन पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह पूरा विवाद करोड़ों रुपए की जमीन से शुरू हुआ जो सीकर जिले में स्थित है। दरअसल सीकर जिले के भादवासी गांव के श्रवण और उसकी भाभी के बीच करीब 24 बीघा जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। जिसकी वर्तमान में करोड़ों में कीमत है।
इस जमीन के विवाद को लेकर पहले हिस्ट्रीशीटर रविंद्र कटेवा ने श्रवण के साथी सुरेश पर जानलेवा हमला किया था। हमले के वक्त उन्होंने धमकी भी दी कि जो जमीन श्रवण की है उसका सौदा उसने शारदा के साथ कर लिया है। इसके बाद रविंद्र कटेवा अपने साथियों के साथ फरार हो गया। हालांकि, बाद में उनकी गिरफ्तारी भी हुई। लेकिन जमानत पर बाहर आने के बाद मनीष भामू नाम के युवक ने बीच में पड़कर राजीनामा करवाना चाहा। जिसकी जयपुर में संदिग्ध मौत हुई थी।
ये भी पढ़ें- Rajasthan Crime: दिनदहाड़े प्रॉपर्टी कारोबारी का अपहरण, पुलिस ने सुरक्षित छुड़ाया; बड़ी फिरौती की बात आई सामने
राजीनामा की शर्त थी कि रविंद्र कटेवा शारदा की जमीन श्रवण के नाम कर देगा। लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। ऐसे में पुलिस को आशंका है कि श्रवण ने रविंद्र कटेवा को करने के लिए बदमाश भेजे थे जिसके बाद यह गैंगवार हुई।
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.