स्मार्ट सिटी के तहत कैरों मार्केट में बनाई जा रही मल्टीस्टोरी ऑटोमेटेड कार पार्किंग के आगे एक होटलनुमा इमारत भी बना दी गई है। इससे पार्किंग बनने से पहले ही विवादों में आ गई है। समाजसेवक विशाल जोशी के अनुसार कभी इंप्रूवमेंट ट्रस्ट ने यह जगह पार्क के लिए छोड़ी थी। मगर एनजीटी की हिदायतों के खिलाफ मल्टीस्टोरी पार्किंग बनाई जाने लगी।
यही नहीं इसी पार्किंग के अगले हिस्से में होटलनुमा बिल्डिंग बना दी गई है। उनका दावा है कि इसका इस्तेमाल होटल के रूप में किया जाएगा। हैरानीजनक है कि जमीन से लेकर निर्माण तक का सारा पैसा जब सरकार दे रही है तो पार्किंग के आगे होटल बनाकर इससे कमाई करने की इजाजत कंपनी को कैसे दे दी गई।
जोशी सारे मामले में हुई गड़बड़ियों की शिकायत पूर्व निगम कमिश्नर गुरप्रीत सिंह औलख से कर चुके हैं। उनके अनुसार होटलनुमा बिल्डिंग का निर्माण नियमों के विपरीत है। वह यह भी दावा करते हैं कि इस बिल्डिंग का नक्शा भी पास नहीं करवाया गया। प्रोजेक्ट में शहर के कई नामी लोग शामिल हैं, जिस कारण नियमों को दरकिनार किया जा रहा है।
बता दें कि प्रोजेक्ट 2018 में शुरू हुआ। तब 18.50 करोड़ खर्चने का प्लान था, मगर बाद में कॉस्ट बढ़ाकर 53.60 करोड़ कर दी गई। इस पांच मंजिला पार्किंग में एक बेसमेंट और 4 फ्लोर वाली कार पार्किंग होगी। पार्किंग को बनाने वाली फर्म ही 10 साल तक ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस करेगी।
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