जाले से कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक ऋषि मिश्रा ने बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों को लेकर 27 दिसंबर को पटना हाईकोर्ट में बिहार सरकार और निर्वाचन आयोग के खिलाफ याचिका दायर की है। याचिका में उन्होंने चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन, चुनाव के दौरान धांधली और महिलाओं के खातों में ₹10,000 भेजकर वोट प्रभावित करने का गंभीर आरोप लगाया है। ऋषि मिश्रा का आरोप है कि निर्वाचन आयोग ने सरकार को गैरकानूनी तरीके से मदद पहुंचाई। उन्होंने दावा किया कि उनके विधानसभा क्षेत्र की महिलाओं का कहना है कि “पहले वोट वापस करो, तभी ₹10,000 मिलेगा”, जो सीधे तौर पर पैसे के दम पर वोट खरीदने का मामला है। उन्होंने इसे बिहार विधानसभा चुनाव में लोकतंत्र की हत्या करार दिया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी लोकतंत्र में विश्वास करते हैं, लेकिन 2025 का बिहार विधानसभा चुनाव लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ गया है। ऋषि मिश्रा ने यह भी सवाल उठाया कि तेलंगाना में कांग्रेस सरकार द्वारा चुनाव के दौरान मोबाइल देने की योजना को निर्वाचन आयोग ने रोक दिया था, फिर बिहार में महिलाओं को ₹10,000 कैसे बांटे गए।
भाजपा विधायक जीवेश मिश्रा ने किया पलटवार
बिहार सरकार के पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक जीवेश मिश्रा ने कांग्रेस नेता के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि जिस आधार पर याचिका दायर की गई है, उसमें कोई ठोस तथ्य नहीं है और कोर्ट इसे खारिज कर देगा। जीवेश मिश्रा ने झारखंड का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां इंडिया गठबंधन की सरकार ने चुनाव से पहले ‘मैया योजना’ के तहत महिलाओं के खातों में पैसा भेजा था, तब न तो कांग्रेस ने सवाल उठाया और न ही चुनाव आयोग पर आरोप लगाए गए। उन्होंने कहा कि सरकार यदि चुनाव से पहले कोई नीतिगत फैसला लेती है और उसे लागू करती है, तो उस पर सवाल नहीं उठाया जा सकता। कांग्रेस नेता द्वारा इस्तेमाल किए गए शब्दों पर आपत्ति जताते हुए भाजपा विधायक ने कहा कि यह खिसियानी राजनीति है और इससे कांग्रेस नेता अपनी ही किरकिरी करा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में महिलाओं के हित में लिए गए फैसलों से कांग्रेस को परेशानी हो रही है और इसी कारण वह महिला विरोधी मानसिकता के साथ कोर्ट का सहारा ले रही है।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की योजना
जीवेश मिश्रा ने कहा कि ₹10,000 की सहायता से बिहार की महिलाएं आत्मनिर्भर बनना चाहती हैं और छोटे व्यवसाय शुरू करना चाहती हैं, लेकिन कांग्रेस को यह रास नहीं आ रहा। उन्होंने दावा किया कि यही वजह है कि पूरे बिहार में महिलाओं ने इंडिया गठबंधन को करारा जवाब दिया है। बिना नाम लिए ऋषि मिश्रा पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग नामांकन के समय पार्टी बदलते हैं, उन्हें अपनी राजनीति की चिंता करनी चाहिए। उन्होंने दोहराया कि याचिका में न कोई ठोस तथ्य है और न ही कोई कानूनी आधार। ऐसे में उन्हें पूरा विश्वास है कि पटना हाईकोर्ट इस याचिका को खारिज कर देगा।
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